लोहरदगा निवासी वनस्पति वैज्ञानिक और रांची के बेड़ो स्थित करमचंद भगत कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रसेनजीत मुखर्जी को आईबीएस-एआईबीसी कंपेनियन अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए रविवार को मैसूर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह भारतीय वनस्पति सोसायटी के 49वें वार्षिक एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर आयोजित हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन एक से तीन नवंबर तक निर्धारित है। इसका विषय पादप विज्ञान में प्रगति और जैव ऊर्जा के लिए सतत नवाचारों को गति देना रखा गया है।
समारोह में सोसायटी की अध्यक्ष डॉ शांति शर्मा, सचिव डॉ शेषु लवानिया, केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ पी गिरिधर और मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर की कुलपति डॉ वाई विमला ने डॉ मुखर्जी को सम्मान प्रदान किया।
डॉ मुखर्जी ने रांची विश्वविद्यालय से डॉ ज्योति कुमार के निर्देशन में डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि प्राप्त की है। उनका शोध वनस्पति वर्गिकी, पादप पारिस्थितिकी और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी जैसे विषयों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने झारखंड की जलीय और स्थलीय वनस्पतियों के अध्ययन तथा संरक्षण से जुड़े क्षेत्रों में भी काम किया है।
उनके शोध कार्यों ने झारखंड की वनस्पति विविधता और जैव-विविधता के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। इसके साथ ही प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण से संबंधित अध्ययन को भी आधार मिला है। यह सम्मान राज्य से जुड़े शैक्षणिक और शोध कार्यों की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
इस उपलब्धि पर उनके शोध निर्देशक डॉ टी घोष, डीएससी शोध निर्देशक एवं रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ ज्योति कुमार, पूर्व कुलपति डॉ कामिनी कुमार, वर्तमान कुलपति डॉ सरोज शर्मा, कुलसचिव डॉ राजकुमार शर्मा और डॉ एमजी तिवारी सहित कई शिक्षाविदों ने उन्हें बधाई दी है।