लोहरदगा नगर परिषद के कर्मचारियों ने बकाया वेतन के भुगतान और 12 सूत्री मांगों को लेकर 9 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों की बैठक में 8 अक्टूबर तक काम कर रहे नगर परिषद के सभी कर्मियों ने आंदोलन में शामिल होने पर सहमति जताई। बैठक की अध्यक्षता महेश कुमार सिंह ने की।
कर्मचारियों के अनुसार, नगर परिषद के कर्मियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। वहीं, श्याम एसडब्ल्यूएम एजेंसी के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों का चार महीने का वेतन लंबित है। उनका कहना है कि वेतन भुगतान में देरी के साथ उनकी 12 सूत्री मांगों पर भी अब तक सम्मानजनक समझौता नहीं हो सका है।
लगातार वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों ने आर्थिक परेशानियों का सामना करने की बात कही है। उनके मुताबिक, रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए कई कर्मियों को दुकानदारों से उधार लेना पड़ रहा था। अब कुछ दुकानदारों ने उधार सामान देना भी बंद कर दिया है, जिससे परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बैठक के बाद कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि बकाया राशि के भुगतान और मांगों पर स्वीकार्य समझौता होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। इस निर्णय के अनुसार हड़ताल की कोई निश्चित समाप्ति तिथि नहीं रखी गई है। आगे की स्थिति नगर परिषद और कर्मचारियों के बीच होने वाली बातचीत तथा मांगों पर बनने वाली सहमति पर निर्भर करेगी।
नगर परिषद के कर्मचारियों के काम बंद करने से लोहरदगा शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में नगर परिषद प्रशासन की प्रतिक्रिया या हड़ताल के दौरान वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
कर्मचारियों का आंदोलन वेतन भुगतान और सेवा से जुड़ी मांगों पर केंद्रित है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि नगर परिषद प्रबंधन बकाया भुगतान तथा 12 सूत्री मांगपत्र पर वार्ता के लिए क्या कदम उठाता है और शहर की आवश्यक नागरिक सेवाओं को जारी रखने के लिए कौन-सी व्यवस्था की जाती है।