विक्रमशिला-कटेरिया नई रेल लाइन के लिए 1163.32 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी

33.294 किलोमीटर की प्रस्तावित रेल परियोजना में गंगा पर नया पुल और दो वाई-लिंक शामिल हैं। इसके पूरा होने पर देवघर और संताल परगना का सीमांचल से संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

2 मिनट पढ़ें 7 बार पढ़ी गई
विक्रमशिला-कटेरिया नई रेल लाइन परियोजना का सांकेतिक रेल दृश्य

विक्रमशिला-कटेरिया नई रेल लिंक परियोजना के निर्माण के लिए 1163.32 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया गया है। पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण संगठन की निविदा के तहत 33.294 किलोमीटर लंबा नया रेलखंड बनाया जाना है। परियोजना पूरी होने पर देवघर और संताल परगना के लिए सीमांचल की ओर एक नया रेल संपर्क उपलब्ध होने की उम्मीद है।

निविदा में विक्रमशिला से कटेरिया के बीच नई रेल लाइन बिछाने के साथ शिवनारायणपुर वाई-लिंक और कटेरिया वाई-लिंक से नवगछिया तक संपर्क विकसित करने का काम शामिल है। टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 27 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। चयनित एजेंसी को निर्माण के लिए 1460 दिन, यानी लगभग चार वर्ष का समय मिलेगा।

प्रस्तावित काम में मिट्टी भराई, ब्लैंकेटिंग तथा छोटे-बड़े पुलों का निर्माण शामिल है। रेल ओवरब्रिज, सीमित ऊंचाई वाले सबवे, रोड अंडरब्रिज और स्टेशन भवन भी बनाए जाने हैं। यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं के तहत प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज और पहुंच पथ जैसे नागरिक निर्माण कार्य भी निविदा का हिस्सा रखे गए हैं।

परियोजना का प्रमुख हिस्सा बटेश्वरस्थान के पास गंगा नदी पर नया रेल पुल बनाना है। रेल लाइन और पुल तैयार होने पर गंगा के दोनों किनारों के बीच सीधा रेल संपर्क विकसित हो सकेगा। इससे नवगछिया और भागलपुर क्षेत्र के मौजूदा रेल नेटवर्क को एक अतिरिक्त मार्ग मिलने की संभावना है।

नई कड़ी से पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज की ओर से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक यात्रा के लिए वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। दुमका, गोड्डा, देवघर और भागलपुर के बीच स्थानीय आवागमन को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए भी यह मार्ग भविष्य में एक विकल्प बन सकता है।

निर्माण को 25 टन भारतीय रेलवे मानक लोडिंग के अनुरूप तैयार करने का प्रावधान है, जिससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता रखी जा सके। हालांकि रेल सुविधा का वास्तविक लाभ निर्माण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही मिलेगा। फिलहाल ई-टेंडर जारी होने के साथ परियोजना निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है।