साहिबगंज के डॉ. सदानंद भारती को बिहार इतिहास परिषद के 13वें स्वर्ण जयंती अधिवेशन में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। भागलपुर विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन में उन्होंने अफगान शासक शेरशाह सूरी पर केंद्रित अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
डॉ. भारती के शोध पत्र का विषय शेरशाह सूरी का ऐतिहासिक अध्ययन था। अधिवेशन के दौरान उन्होंने इस विषय से जुड़े अपने अध्ययन को इतिहासकारों और शिक्षाविदों के बीच रखा। शोध प्रस्तुति के बाद कार्यक्रम में उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस अधिवेशन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए इतिहासकारों तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में इतिहास से संबंधित विभिन्न विषयों पर शोध और विचार प्रस्तुत किए गए। साहिबगंज से डॉ. भारती की भागीदारी ने जिले का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया।
अधिवेशन का उद्घाटन खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति संजय चौधरी और पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने किया। आयोजन के लिए भागलपुर विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज को स्थल बनाया गया था।
शेरशाह सूरी भारतीय इतिहास के मध्यकालीन दौर से जुड़े प्रमुख अफगान शासक रहे हैं। अधिवेशन में डॉ. भारती ने उनके ऐतिहासिक अध्ययन को अपने शोध का आधार बनाया। उपलब्ध विवरण में शोध पत्र के निष्कर्ष या उसकी विस्तृत विषयवस्तु साझा नहीं की गई है।
डॉ. भारती को मिला सम्मान स्थानीय शोधकर्ताओं और उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। साथ ही, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय इतिहास पर होने वाले अकादमिक विमर्श में साहिबगंज के एक अध्येता की भागीदारी भी इस आयोजन के माध्यम से सामने आई है।