जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज के पूर्व छात्र रवि राज मुर्मू को संथाली फिल्म ‘आंगेन’ के निर्देशन के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार मिला।
गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रवि राज मुर्मू को यह सम्मान प्रदान किया। रवि करीम सिटी कॉलेज के जनसंचार विभाग के 2011-14 सत्र के छात्र रहे हैं। उनकी उपलब्धि को जमशेदपुर और झारखंड के कला-सिनेमा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘आंगेन’ संथाली समाज की जीवनशैली, परंपराओं और रोजमर्रा के संघर्षों को केंद्र में रखती है। फिल्म में संथाली भाषा के साथ स्थानीय परिवेश की विशेषताओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है। क्षेत्रीय भाषा की इस फिल्म को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलने से संथाली सिनेमा को नई पहचान मिली है।
पुरस्कार मिलने के बाद रवि ने अपनी उपलब्धि को पूरी टीम और सहयोगियों के प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने इस अवसर को अपने साथ-साथ संथाली समाज के लिए भी भावुक और ऐतिहासिक क्षण माना। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।
रवि के अनुसार, फिल्म बनाने के पीछे अपनी जड़ों, भाषा और संस्कृति से जुड़ी कहानियों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की इच्छा थी। ‘आंगेन’ के माध्यम से उन्होंने संथाली समाज की विरासत और कम सामने आने वाले सामाजिक संघर्षों को अभिव्यक्ति देने की कोशिश की।
उन्होंने युवाओं को अपनी मिट्टी और लोक-संस्कृति की कहानियों पर भरोसा रखने का संदेश भी दिया। उनका मानना है कि ईमानदारी से प्रस्तुत की गई कहानी के लिए भाषा बाधा नहीं बनती। यह सम्मान क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्म निर्माण कर रहे विद्यार्थियों और नए निर्देशकों के लिए प्रेरणा का अवसर भी है।