सारठ में आवास योजनाओं के जियो टैग पर सख्ती, लाभुक के साथ कर्मी की फोटो अनिवार्य

अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के निर्माणाधीन घरों का जियो टैग करते समय लाभुक के साथ पंचायत सचिव या पंचायत सहायक की तस्वीर लेना जरूरी होगा।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
सारठ में आवास योजना के जियो टैग संबंधी नए निर्देश

देवघर जिले के सारठ प्रखंड में अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बन रहे घरों के जियो टैग को लेकर प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब जियो टैग के समय लाभुक के साथ संबंधित पंचायत सचिव या पंचायत सहायक की तस्वीर होना अनिवार्य होगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर प्रखंड स्तर से जियो टैग का सत्यापन नहीं किया जाएगा।

सारठ के प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार सिंह ने सभी पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, आवास निर्माण के अलग-अलग चरणों में जियो टैग किया जाता है। इसी के आधार पर सत्यापन होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

नए निर्देशों की वजह पंचायत स्तर से किए गए कुछ जियो टैग का संदेहास्पद पाया जाना बताया गया है। आवास योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने स्थल और निर्माण की वास्तविक स्थिति का सही सत्यापन जरूरी माना है। अधिकारियों और कर्मचारियों को जियो टैग करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने को कहा गया है।

निर्देश के मुताबिक केवल तस्वीर की औपचारिकता पूरी करना पर्याप्त नहीं होगा। आवास का निर्माण जिस स्तर पर दर्ज किया जा रहा है, जियो टैग भी उसी चरण में किया जाना चाहिए। इसके साथ ही यह देखना होगा कि निर्माण निर्धारित मानकों और मापदंडों के अनुरूप है या नहीं।

निर्माण कार्य संतोषजनक पाए जाने के बाद ही जियो टैग करने को कहा गया है। लाभुक के साथ पंचायत सचिव या पंचायत सहायक की तस्वीर नहीं मिलने पर सत्यापन रोक दिया जाएगा। गलत या संदेहास्पद जियो टैग सामने आने की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इस व्यवस्था का सीधा असर योजना की अगली किस्त और भुगतान प्रक्रिया पर पड़ सकता है, क्योंकि सत्यापित जियो टैग के बाद ही भुगतान आगे बढ़ता है। पंचायत स्तर के कर्मियों को इसलिए स्थल की स्थिति, निर्माण के चरण, निर्धारित मानक और लाभुक की मौजूदगी—इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद रिकॉर्ड तैयार करना होगा।