भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सोमवार को देवघर आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था कड़ी कर दी है। वीआईपी आवागमन को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। पुलिस बल तैनात कर यातायात पर विशेष निगरानी रखने की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन की योजना के अनुसार, शहर में टोटो, ऑटो, ट्रक और बस सहित वाहनों के प्रवेश पर चार घंटे की रोक रहेगी। मुख्य न्यायाधीश के आगमन से दो घंटे पहले कुछ निर्धारित रास्तों पर छोटे वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी जाएगी। इन पाबंदियों का उद्देश्य निर्धारित मार्गों को सुरक्षित रखना और कार्यक्रम के दौरान यातायात को नियंत्रित करना है।
देवघर कोर्ट परिसर में होने वाले कार्यक्रम के लिए अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाया गया है। जिला प्रशासन से अधिकृत व्यक्तियों को ही परिसर में प्रवेश मिलेगा। बिना अनुमति किसी व्यक्ति को कार्यक्रम स्थल के भीतर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। आयोजन के दौरान परिसर और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी।
जारी कार्यक्रम के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश शाम 5:15 बजे देवघर पहुंचेंगे। स्वागत और दीप प्रज्वलन के बाद शाम 5:30 बजे न्यायाधीश सुजीत कुमार नालसा की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और चंद्रशेखर का विशेष संबोधन निर्धारित है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शाम 5:55 बजे कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उनका संबोधन न्यायिक व्यवस्था और उसके महत्व पर केंद्रित होगा। न्यायाधीश रंगोन उपाध्याय के समापन संबोधन के बाद कार्यक्रम समाप्त होगा और मुख्य न्यायाधीश देवघर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश निर्धारित कार्यक्रम से पहले बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में भी सुरक्षा और अन्य आवश्यक तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने पूरे दौरे के लिए मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम निर्धारित किया है।