सुरदा फेस-2 में काम शुरू नहीं होने पर मजदूरों ने 4 नवंबर से आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा की

मुसाबनी में मजदूरों ने सुरदा फेस-2 का काम दोबारा शुरू करने और महीने में 26 दिन रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन का कार्यक्रम तय किया है।

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सुरदा क्रॉसिंग चौक पर मांगों और प्रस्तावित आर्थिक नाकेबंदी को लेकर बैठक करते मजदूर

पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी प्रखंड में बंद पड़े सुरदा फेस-2 के शाफ्ट सिंकिंग कार्य को दोबारा शुरू कराने की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को सुरदा क्रॉसिंग चौक पर हुई बैठक में मजदूरों ने 4 नवंबर से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी करने की घोषणा की। उनकी प्रमुख मांग काम शुरू करने के साथ प्रत्येक महीने 26 दिन रोजगार उपलब्ध कराने की है।

बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष एवं मजदूर नेता शमशेर खान ने की। इसमें सुरदा के ग्राम प्रधान दिलीप हेंब्रम सहित क्षेत्र के कई मजदूर शामिल हुए। बैठक में आंदोलन से पहले 2 नवंबर को मुसाबनी प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।

मजदूरों के अनुसार, 9 अक्टूबर को मऊभंडार में हुई बैठक में एचसीएल प्रबंधन ने 1 नवंबर से सुरदा फेस-2 का काम शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया था। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मैनपावर नियोजन पर बैठक करने की बात भी कही गई थी। मजदूरों का कहना है कि नियोजन पर बैठक और काम शुरू करने की पहल अब तक दिखाई नहीं दी है।

बैठक में तय कार्यक्रम के मुताबिक मांगें पूरी नहीं होने पर आर्थिक नाकेबंदी अनिश्चितकाल तक जारी रखी जाएगी। आंदोलन में शामिल मजदूरों ने यह भी कहा कि इस दौरान एचसीएल-आईसीसी प्रबंधन के अधिकारियों को सुरदा माइंस में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यह घोषणा मजदूर पक्ष की बैठक में लिए गए निर्णय के रूप में सामने आई है।

शमशेर खान ने एचसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी श्रीराम ईपीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शाफ्ट सिंकिंग का काम छह साल से अधिक समय से बंद है। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, सुरदा माइंस की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से परियोजना 2012 में शुरू हुई थी और इसे 2017 तक पूरा किया जाना था।

मजदूर पक्ष का दावा है कि परियोजना का करीब एक तिहाई काम ही पूरा हो सका है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में प्रबंधन या ठेका कंपनी की ओर से मजदूरों की घोषणा और लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रस्तावित नाकेबंदी से पहले प्रशासन को ज्ञापन दिए जाने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।