हजारीबाग जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में नई ऑनलाइन वेतन भुगतान व्यवस्था लागू करने की तैयारी के तहत गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय के सभागार में हुए कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों के विद्यालयों से आए वार्डन और अकाउंटेंट-सह-लेखापाल शामिल हुए।
प्रशिक्षण में बताया गया कि वेतन भुगतान की पुरानी मैनुअल व्यवस्था की जगह अब डिजिटल प्रक्रिया अपनाई गई है। नई प्रणाली में वेतन तैयार करने से लेकर बिल बनाने और बैंक के माध्यम से भुगतान करने तक के काम ऑनलाइन पूरे किए जाएंगे। इसका उद्देश्य संबंधित कर्मचारियों को प्रक्रिया से परिचित कराना और इसे सुचारू ढंग से लागू करना है।
प्रतिभागियों को एसएनए स्पर्श पोर्टल पर लॉगिन करने, जरूरी जानकारी दर्ज करने और ऑनलाइन बिल तैयार करने का तरीका समझाया गया। भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले दर्ज विवरण की जांच करने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी त्रुटि के कारण वेतन जारी होने में परेशानी न आए।
नई व्यवस्था में कर्मचारियों की उपस्थिति के आधार पर वेतन निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर उपस्थिति संबंधी जानकारी सही तरीके से दर्ज करना जरूरी होगा। प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि गलत या अधूरी प्रविष्टि से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए प्रत्येक विवरण को सावधानी से जांचना होगा।
ऑनलाइन बिल बनने के बाद बैंकिंग प्रणाली से भुगतान, बैंक खाते की जानकारी और लेनदेन की स्थिति पर नजर रखने की प्रक्रिया भी बताई गई। इस दौरान वार्डन और लेखापालों ने नई प्रणाली से जुड़े सवाल रखे, जिनका प्रशिक्षण में समाधान किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था से वेतन संबंधी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने, भुगतान की निगरानी करने और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। जिले के अन्य विभागों के कार्यालय कर्मियों को भी नई प्रणाली और उसके तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि व्यवस्था लागू होने के बाद कामकाज में तकनीकी बाधाएं कम हों।