हजारीबाग में कानून-व्यवस्था और लंबित मामलों की समीक्षा के लिए शनिवार को पुलिस सभा कक्ष में अपराध समीक्षा बैठक हुई। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने जिले के डीएसपी, एसडीपीओ, पुलिस इंस्पेक्टर और थाना प्रभारियों को अनुसंधान तथा वारंट के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को भी कहा।
बैठक में महिला अत्याचार, छेड़खानी, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। एसपी ने ऐसे लंबित मामलों का अनुसंधान पूरा कर 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। वर्ष 2026 से पहले दर्ज अन्य लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया।
पुलिस की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त 2026 में जिले के विभिन्न थानों में 289 नए मामले दर्ज हुए, जबकि 666 मामलों का निष्पादन किया गया। इसी अवधि में मिले 1,100 वारंट और कुर्की आदेशों के मुकाबले 1,396 का निष्पादन हुआ। पुलिस के अनुसार, 1,067 प्राप्त आवेदनों की तुलना में 1,137 पासपोर्ट सत्यापन पूरे किए गए।
थाना प्रभारियों को जमानती और गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार तथा कुर्की-जब्ती से जुड़े लंबित मामलों के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। प्रत्येक सप्ताह थाना दिवस आयोजित करने और अंचलाधिकारी के साथ बैठक कर जमीन विवादों के समाधान को प्राथमिकता देने का भी निर्देश मिला।
साइबर अपराध के लंबित मामलों का अनुसंधान पूरा करने के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों को साइबर ठगी, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा पर जन-जागरूकता अभियान जारी रखने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री वाले स्थानों को चिह्नित कर अभियान चलाने की बात कही गई।
बैठक में संगठित अपराध, अवैध खनन और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। थाना प्रभारियों से पिछले पांच वर्षों में जेल से बाहर आए अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने तथा आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को भी कहा गया।