हजारीबाग में खास महल की 50 डिसमिल जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से नोकझोंक

कैंटोनमेंट मौजा में खास महल की जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बीच विवाद हुआ। प्रशासन ने जेसीबी से कार्रवाई शुरू की।

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हजारीबाग के कैंटोनमेंट मौजा में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई

हजारीबाग के कैंटोनमेंट मौजा में शुक्रवार को खास महल की करीब 50 डिसमिल जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बीच नोकझोंक हुई। सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जेसीबी की मदद से जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की।

विवादित भूखंड मौजा कैंटोनमेंट के होल्डिंग संख्या 302 में स्थित है। प्रशासन का कहना है कि यह खास महल की सरकारी जमीन है और इस पर अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों के अनुसार, इसी भूखंड पर कार्रवाई के लिए प्रशासन चौथी बार पहुंचा था।

अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार के मुताबिक, जमीन पर निर्माण कर खटाल बनाया गया था, जिसमें चार से पांच गाय रखी गई थीं। उन्होंने इसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज रिज्यूम जमीन बताते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, कैंटोनमेंट मौजा के इस भूखंड का कुल क्षेत्रफल 0.50 एकड़ है। इसमें तीन प्लॉट शामिल हैं, जिनका क्षेत्रफल क्रमशः 0.25 एकड़, 0.15 एकड़ और 0.10 एकड़ बताया गया है। जिला प्रशासन इन दिनों खास महल की जमीनों का सर्वे भी करा रहा है, ताकि उनके स्थान और मौजूदा स्थिति का पता लगाया जा सके।

प्रशासन के अनुसार, हजारीबाग में कुल 781 एकड़ भूमि खास महल के सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। संबंधित 50 डिसमिल जमीन को लेकर प्रशासन और पूर्व मंत्री के पक्ष के बीच पहले से विवाद चला आ रहा है। पूर्व मंत्री की ओर से जमीन पर अधिकार से जुड़े दस्तावेज और पावर ऑफ अटॉर्नी का हवाला दिया जाता रहा है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी भूमि मानता है।

इस भूखंड पर वर्ष 2023 में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। उस समय पुलिस बल की मौजूदगी में कथित अवैध निर्माण और घेराबंदी हटाई गई थी। जमीन पर अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच प्रशासन को दोबारा कार्रवाई करनी पड़ी है।