हजारीबाग के सिलवार स्टेडियम में राज्यस्तरीय ललिता टुडू मेमोरियल थ्रोबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। झारखंड थ्रोबॉल संघ के अनुसार, इसमें राज्य के 16 जिलों से करीब 800 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने के साथ अगली राष्ट्रीय स्पर्धा में जगह बनाने का अवसर दे रही है।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता के प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2 नवंबर 2026 को कोलकाता में प्रस्तावित है। झारखंड थ्रोबॉल संघ के अध्यक्ष वेदांत ने हजारीबाग में राज्यस्तरीय आयोजन को जिले के लिए गौरव का विषय बताया और कहा कि इससे खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल रहा है।
प्रतियोगिता के दौरान राज्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने अपनी आर्थिक और पेशेवर कठिनाइयों का मुद्दा भी उठाया। भारतीय टीम की कप्तान रह चुकीं रांची की अरुणा यादव और खिलाड़ी अमरदीप ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सरकारी सहायता और सम्मान नहीं मिला। ये उनके द्वारा कार्यक्रम में रखे गए दावे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अरुणा यादव ने दूसरी साउथ एशियन थ्रोबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की कप्तानी की और स्वर्ण पदक जीता था। अमरदीप ने भी अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चार स्वर्ण पदक हासिल करने का दावा किया। उन्होंने बताया कि आजीविका के लिए उन्हें निजी कैब चलाने और अपने पिता की सब्जी की दुकान पर काम करने जैसे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं।
भारतीय थ्रोबॉल के राष्ट्रीय महासचिव गौतम सिंह ने भी खिलाड़ियों की चिंताओं का समर्थन करते हुए कहा कि झारखंड में इस खेल से जुड़े खिलाड़ियों को पर्याप्त संसाधन और अवसर नहीं मिल रहे। प्रतियोगिता ने इस तरह एक ओर उभरते खिलाड़ियों को चयन का मंच दिया है, वहीं दूसरी ओर पदक विजेता खिलाड़ियों की सहायता, रोजगार और अभ्यास सुविधाओं से जुड़ी मांगों को भी सामने रखा है।