पलामू जिले के हुसैनाबाद में गूगल पे स्कैनर की तकनीकी समस्या दूर कराने के दौरान एक दुकानदार साइबर ठगी का शिकार हो गया। शिकायत के अनुसार, व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद उसके दो बैंक खातों से कुल 1 लाख 34 हजार 999 रुपये की निकासी हो गई। हुसैनाबाद थाने में 2 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
दुकानदार ने पुलिस को बताया कि 14 अक्टूबर को उसकी दुकान में लगा गूगल पे स्कैनर काम नहीं कर रहा था। समस्या के समाधान के लिए कस्टमर केयर से संपर्क करने पर एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से एपीके फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा। शिकायतकर्ता के मुताबिक, फाइल डाउनलोड करने के बाद उसका मोबाइल करीब एक घंटे तक उसके नियंत्रण में नहीं रहा।
बाद में बैंक खातों की जांच करने पर तीन अलग-अलग लेनदेन का पता चला। इनमें 85 हजार रुपये एक खाते से निकले, जबकि दूसरे खाते से 35 हजार और 14,999 रुपये स्थानांतरित किए गए। इस तरह दोनों खातों से कुल 1,34,999 रुपये निकलने की बात प्राथमिकी में दर्ज कराई गई है।
पीड़ित ने घटना की सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी दी है। इसके बाद स्थानीय थाने में लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब शिकायत में बताए गए लेनदेन और एपीके फाइल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। रकम किन खातों में गई और फाइल भेजने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान क्या है, इसका निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
यह मामला अनजान स्रोत से भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड करने के जोखिम को सामने लाता है। किसी भुगतान सेवा में तकनीकी परेशानी आने पर उसके आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना और संदेश या व्हाट्सएप पर मिली फाइल को सत्यापन के बिना इंस्टॉल नहीं करना जरूरी है। संदिग्ध लेनदेन दिखने पर बैंक और साइबर हेल्पलाइन को तुरंत सूचना देने से जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है।