रांची में भूमि सौदे से जुड़े धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम अदालत के उस आदेश के खिलाफ आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की है, जिसमें उन्हें कार्यवाही से मुक्त करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी गई थी।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने आठ जून को सोरेन की डिस्चार्ज याचिका अस्वीकार की थी। नई याचिका में इसी आदेश को चुनौती दी गई है। मुख्यमंत्री के वकील ने हाई कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी दी है।
यह मामला रांची के बरियातू क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस प्रकरण में धनशोधन का मामला दर्ज किया है। एजेंसी का आरोप है कि कथित धोखाधड़ी के माध्यम से जमीन सोरेन के पक्ष में हस्तांतरित की गई थी। ये आरोप अभी न्यायिक विचाराधीन हैं।
हेमंत सोरेन ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उनकी ओर से विशेष अदालत में आपराधिक कार्यवाही से मुक्त करने की मांग की गई थी। वह अर्जी खारिज होने के बाद अब उच्च न्यायालय से संबंधित आदेश की समीक्षा का अनुरोध किया गया है।
विशेष अदालत इस मामले में आगे की कार्यवाही कर चुकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सह-आरोपी अंतु तिर्की, वास्तुकार विनोद कुमार सिंह और 15 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। हाई कोर्ट में दायर पुनरीक्षण याचिका पर आगे होने वाली न्यायिक कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि विशेष अदालत के आदेश पर अदालत क्या निर्णय लेती है।