रांची में झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष हॉकी झारखंड का चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। यह याचिका पूर्व ओलंपियन मनोहर टोपनो एवं अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों की ओर से दाखिल की गई है। खिलाड़ियों की तरफ से अधिवक्ता सुभाषिष रसिक सोरेन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
याचिकाकर्ताओं ने चुनाव की वैधता पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि भारत सरकार ने खेल संघों के चुनाव पर दिसंबर 2026 तक रोक लगा रखी है। याचिका के अनुसार, इस रोक के बावजूद हॉकी झारखंड की चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि, अदालत ने अभी इन दावों पर कोई निर्णय नहीं दिया है।
याचिका में कहा गया है कि हॉकी झारखंड के चुनाव का परिणाम 19 जुलाई 2026 को घोषित हुआ था। इस चुनाव में भोलानाथ सिंह को संगठन का अध्यक्ष चुना गया। खिलाड़ियों ने सरकार की कथित रोक के दौरान चुनाव कराए जाने को आधार बनाते हुए पूरी प्रक्रिया को अवैध घोषित करने और परिणाम रद्द करने की मांग की है।
अदालत के सामने पदों से जुड़ा एक अन्य मुद्दा भी उठाया गया है। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, भोलानाथ सिंह वर्तमान में हॉकी इंडिया के सचिव भी हैं। ऐसे में उनके एक साथ हॉकी इंडिया के सचिव और हॉकी झारखंड के अध्यक्ष पद पर रहने को लेकर सवाल किया गया है।
मामले में प्रस्तुत बातें फिलहाल याचिकाकर्ताओं के दावे और आपत्तियां हैं। उपलब्ध विवरण में हॉकी झारखंड या भोलानाथ सिंह का पक्ष दर्ज नहीं है। याचिका दाखिल होने का अर्थ चुनाव के खिलाफ लगाए गए दावों का न्यायिक रूप से प्रमाणित होना भी नहीं है। चुनाव की वैधता पर फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई और संबंधित पक्षों की दलीलों के बाद ही सामने आएगा।
यह मामला राज्य के हॉकी प्रशासन और खेल संघों की चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने मुख्य रूप से केंद्र की कथित रोक के अनुपालन तथा एक व्यक्ति के दो पद संभालने के प्रश्न को आधार बनाया है। अब हाईकोर्ट में आगे की न्यायिक कार्यवाही पर राज्य के खिलाड़ियों और खेल प्रशासन से जुड़े लोगों की निगाह रहेगी।