धनबाद स्थित आईआईटी-आईएसएम के प्रोफेसर सुमंत कुमार पाढ़ी को यूनाइटेड किंगडम की रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री का फेलो चुना गया है। उन्हें केमिकल साइंस के क्षेत्र में योगदान और शोध कार्यों के लिए यह मान्यता मिली है। प्रो. पाढ़ी संस्थान के केमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलॉजी विभाग में कार्यरत हैं और सेंट्रल लाइब्रेरी के प्रोफेसर-इन-चार्ज की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
उनका शोध मुख्य रूप से होमोजीनियस कैटेलिसिस, छोटे अणुओं की सक्रियता और सतत ऊर्जा से संबंधित रासायनिक परिवर्तन पर केंद्रित है। उनकी शोध टीम आर्टिफिशियल फोटोसिंथेसिस, हरित ऊर्जा और टिकाऊ रासायनिक प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर काम कर रही है।
टीम के शोध कार्यों में कार्बन डाइऑक्साइड का रिडक्शन और हाइड्रोजनेशन शामिल है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए अमोनिया ऑक्सिडेशन, फॉर्मिक एसिड डीहाइड्रोजनेशन, प्रोटॉन रिडक्शन और वाटर ऑक्सिडेशन जैसे क्षेत्रों में भी अध्ययन किया जा रहा है।
प्रो. पाढ़ी की टीम कार्बनिक यौगिकों के इलेक्ट्रोकेमिकल ट्रांसफॉर्मेशन पर भी काम करती है। कैटेलिटिक उपयोग के लिए नए लिगैंड और ट्रांजिशन मेटल कॉम्प्लेक्स विकसित करना भी उसके शोध का हिस्सा है। ये विषय ऊर्जा और रासायनिक प्रक्रियाओं को अधिक टिकाऊ बनाने से जुड़े वैज्ञानिक प्रयासों के अंतर्गत आते हैं।
प्रो. पाढ़ी ने वर्ष 2008 में आईआईटी गुवाहाटी से केमिस्ट्री में पीएचडी पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने जापान के इंस्टीट्यूट फॉर मॉलिक्यूलर साइंस में पोस्टडॉक्टोरल शोध किया। उन्होंने दक्षिण कोरिया की इवा वुमन्स यूनिवर्सिटी में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी कार्यक्रम के तहत भी शोध किया और 2013 में बायो-रेडॉक्स रिसर्च सेंटर में स्पेशल अपॉइंटमेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया।
जुलाई 2013 में आईआईटी-आईएसएम से जुड़ने के बाद से वह विभाग की शोध और अकादमिक गतिविधियों में योगदान दे रहे हैं। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री का फेलो चुना जाना उनके शोध कार्य को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान है। यह चयन कैटेलिसिस, सतत ऊर्जा और केमिकल साइंस में संस्थान में चल रहे शोध प्रयासों को भी रेखांकित करता है।