धनबाद के आईआईटी आईएसएम परिसर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश पूजा शुरू हो गई है। संस्थान के विद्यार्थी इस आयोजन को ओडिशा की परंपराओं के अनुसार कर रहे हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले उत्सव के दौरान परिसर में पूजा के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्थान में देश के अलग-अलग राज्यों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। इसी कारण परिसर के आयोजनों में विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। यहां ओडिशा के विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण गणेश पूजा में वहां की पारंपरिक मान्यताओं और पूजा-पद्धति को प्रमुखता दी गई है।
आयोजन से जुड़े छात्र तुषार कांति राउत के अनुसार, स्थापित गणेश प्रतिमा की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है। विद्यार्थियों ने बताया कि सामान्यतः बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं, जबकि ओडिशा की परंपरा में दाईं ओर मुड़ी सूंड को शुभ माना जाता है।
पूजा के प्रसाद में भी क्षेत्रीय परंपरा का ध्यान रखा गया है। विद्यार्थियों के मुताबिक भगवान गणेश को मोदक के साथ खीर का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। छात्रों ने पूजा और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए विशेष तैयारियां की हैं, जिससे पूरे सप्ताह परिसर में उत्सव का वातावरण बना रहेगा।
उत्सव के दौरान होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संस्थान के विद्यार्थी भाग लेंगे। आयोजन करने वाले छात्रों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपने गृह राज्य की संस्कृति और परंपराओं को शैक्षणिक परिसर में जीवंत रखने का अवसर देते हैं। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से आए विद्यार्थियों को भी ओडिशा की पूजा परंपरा से परिचित होने का मौका मिलता है।
सप्ताहभर चलने वाले आयोजन का समापन 21 सितंबर को होगा। उस दिन स्थापित गणेश प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा। विद्यार्थियों ने पूजा, सांस्कृतिक गतिविधियों और विसर्जन को उत्सव के निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा बताया है।