जमशेदपुर में हिंदी माह पर काव्य मंच, कविता से यात्रा-वृत्तांत तक की प्रस्तुतियां

झारखंड पेंशनर कल्याण समाज और साहित्यिक संस्था हुलास के संयुक्त आयोजन में शहर के कवियों व साहित्यकारों ने विभिन्न साहित्यिक विधाओं में अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

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जमशेदपुर में हिंदी माह के अवसर पर रविवार को काव्य मंच का आयोजन किया गया। झारखंड पेंशनर कल्याण समाज और साहित्यिक संस्था हुलास के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में शहर के कवियों, कवयित्रियों और साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। आयोजन पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुआ।

कार्यक्रम में साहित्य की कई विधाओं को स्थान मिला। प्रतिभागियों ने कविता और मुक्तक के साथ लघुकथा, संस्मरण तथा यात्रा-वृत्तांत भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने तालियां बजाकर रचनाकारों का उत्साह बढ़ाया।

साहित्यिक समागम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विजय नारायण ‘बेरुका’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। एसपी सिंह और चावला ने अतिथियों का स्वागत करने के साथ स्वागत भाषण दिया। काव्य गोष्ठी का संचालन बसंत ‘जमशेदपुरी’ ने किया।

रचना पाठ करने वालों में श्यामल सुमन, विजय नारायण ‘बेरुका’, बसंत ‘जमशेदपुरी’, अजय ‘मुस्कान’, डॉ. संध्या सिन्हा, रिजवान औरंगाबादी और वीणा कुमारी शामिल रहे। इनके अलावा रमा शंकर ‘रबीश’, डॉ. उदय हयात, ओम प्रकाश ताती और शिवनंदन सिंह ने भी अपनी रचनाएं साझा कीं।

हरि राय चौहान, राजेंद्र राजदेव सिन्हा, सुहास चौरसिया और हरिकृष्ण चावला ने भी मंच से प्रस्तुति दी। अलग-अलग साहित्यिक स्वर और विधाएं एक ही मंच पर सामने आने से कार्यक्रम में कविता के साथ गद्य रचनाओं को भी सुनने का अवसर मिला।

यह आयोजन राजभाषा विभाग तथा पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के निर्देशानुसार मनाए जा रहे हिंदी माह की गतिविधियों की कड़ी में किया गया। कार्यक्रम के अंत में अरुण ने आगंतुकों, रचनाकारों और श्रोताओं के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।