सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के लिए प्रस्तावित अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान को लेकर समाहरणालय सभागार में मल्टी-स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप की दूसरी बैठक हुई। उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में पहले चिह्नित किए गए बिंदुओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आगे की कार्ययोजना पर विचार किया गया।
बैठक में बताया गया कि यह योजना केवल नदियों के संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। इसके दायरे में जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बाढ़ और जलभराव प्रबंधन के साथ शहरी हरित क्षेत्र का समग्र विकास भी रखा जाएगा। इसका उद्देश्य आदित्यपुर को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के प्रयासों को एक साझा योजना से जोड़ना है।
उपायुक्त ने स्थानीय नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने योजना से जुड़े अद्यतन आंकड़े, मैपिंग, तकनीकी जानकारियां और जरूरी प्रस्ताव समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने को कहा, ताकि प्रबंधन योजना को जल्द अंतिम रूप दिया जा सके।
चर्चा के दौरान ठोस कचरे के संग्रह और निस्तारण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने का विषय प्रमुखता से उठा। खरकई नदी तथा अन्य जल निकायों में कचरा पहुंचने से रोकने के संभावित उपायों पर भी विचार किया गया। इस दिशा में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों को एकीकृत कार्ययोजना से जोड़ने पर बल दिया गया।
शहर के नालों की कनेक्टिविटी और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संरचनात्मक उपायों को मास्टर प्लान में शामिल करने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह संकेत दिया गया कि नदी और जल निकायों के प्रबंधन के साथ शहरी निकासी व्यवस्था को भी योजना का अहम हिस्सा बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, पहले से चर्चा में रहे तालाबों के जीर्णोद्धार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सुदृढ़ीकरण, भूजल संरक्षण और नदी तटों के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपलब्ध आंकड़ों और तकनीकी प्रस्तावों के आधार पर इन सभी विषयों को अंतिम योजना में समाहित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।