आदित्यपुर में झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन 15 से अधिक फिल्मों की स्क्रीनिंग

श्रीनाथ यूनिवर्सिटी में आयोजित फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन विभिन्न भाषाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों की फिल्में दिखाई गईं। दशरथ हांसदा ने मास्टर क्लास में फिल्म निर्माण की बारीकियां साझा कीं।

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आदित्यपुर के श्रीनाथ यूनिवर्सिटी में झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ यूनिवर्सिटी में सातवें झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन 15 से अधिक फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। शनिवार के कार्यक्रम में अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। आयोजन में विद्यार्थियों और सिनेमा प्रेमियों की भागीदारी रही।

तीसरे दिन की शुरुआत ‘श्रीकंदा गजन’ से हुई। इसके बाद ‘दी ऑल्टर इको’, ‘प्रेस फोटोग्राफर’, ‘झील’, ‘सरवाविंग दी चेंज’, ‘फॉरगिवेन’, ‘सतविकम’, ‘दी लास्ट गेम’, ‘सोलोबाता’, ‘परदेशीया’, ‘जरूबाला’, ‘श्रीफ़सल’, ‘सालेंट सेरीफाईस’ और ‘माधानंम’ सहित कई फिल्में दिखाई गईं। ‘वेन अ विच फाइट बैक’ दिन की समापन फिल्म रही।

स्क्रीनिंग के साथ एक विशेष मास्टर क्लास भी आयोजित की गई। इसमें संताली फिल्मों के निर्माता, निर्देशक और अभिनेता दशरथ हांसदा ने विद्यार्थियों तथा उभरते फिल्मकारों को फिल्म निर्माण के तकनीकी और रचनात्मक पक्षों की जानकारी दी। सत्र में प्रतिभागियों को निर्माण प्रक्रिया समझने और अपनी रचनात्मक सोच विकसित करने का अवसर मिला।

महोत्सव की क्रिएटिव डायरेक्टर शालिनी प्रसाद के अनुसार, शैक्षणिक संस्थान में आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को सिनेमा से सीधे जोड़ना है। आयोजन के माध्यम से नई प्रतिभाओं को फिल्म निर्माण सीखने और क्षेत्रीय सिनेमा को समझने का मंच देने पर जोर दिया गया है।

दर्शकों की रुचि को देखते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में 25 और 26 अक्टूबर को भी स्क्रीनिंग जारी रखने का निर्णय लिया गया है। 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ‘व्हिस्पर दी वेली’, ‘चंदूवूला थाली’, ‘हाई वोल्टेज मेटल’, ‘सूफी दरबार ओफ बंगाल’, ‘हिसाब’ और ‘साथ पर जिंदगी’ सहित कई फिल्में प्रदर्शित करने का कार्यक्रम है।

झारखंड की कला और संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के उद्देश्य से इस महोत्सव की शुरुआत 2018 में संजय उदय सतपथी और राजू मित्रा ने की थी। मौजूदा आयोजन में फिल्मों के प्रदर्शन के साथ युवाओं को सिनेमा की कार्यप्रणाली समझने और क्षेत्रीय कहानियों तथा प्रतिभाओं से परिचित होने का अवसर दिया जा रहा है।