झारखंड की नागपुरी फिल्म ‘सेरेंग’ अब दो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो गई है। फिल्म को फिलमिग्राम और मेरा टीवी पर रिलीज किया गया है। इसे नागपुरी के साथ संताली, हिंदी और खोरठा भाषा में भी देखा जा सकता है। चार भाषाओं में उपलब्धता से फिल्म को अलग-अलग भाषाई दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
फिल्म से जुड़े एनपीके पुरुषोत्तम सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के कोलोमडेगा गांव के रहने वाले हैं। झारखंड के एक छोटे आदिवासी गांव से जुड़े फिल्मकार की फिल्म का डिजिटल मंचों तक पहुंचना राज्य के क्षेत्रीय सिनेमा से संबंधित एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।
‘सेरेंग’ के लिए चुने गए दोनों मंच झारखंड के ओटीटी प्लेटफॉर्म हैं। दर्शकों को एक ही फिल्म के लिए चार भाषाओं का विकल्प दिया गया है। इनमें झारखंड में बोली जाने वाली नागपुरी, संताली और खोरठा के अलावा हिंदी भी शामिल है।
इस बीच, एनपीके पुरुषोत्तम को लंदन स्थित सेंट्रल फिल्म स्कूल में एमए फिल्म मेकिंग की पढ़ाई का अवसर भी मिला है। वह झारखंड सरकार की एमजीओएस छात्रवृत्ति के तहत विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे। उनकी पढ़ाई फिल्म निर्माण के क्षेत्र में होगी।
पुरुषोत्तम ने इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, टीडब्ल्यूसी कमिश्नर कुलदीप चौधरी, संबंधित अधिकारियों तथा झारखंड के कलाकारों, फिल्मकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने गांव से निकलकर लंदन में फिल्म निर्माण की उच्च शिक्षा तक पहुंचने को सपना साकार होने जैसा बताया।