झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर से जुड़े करीब दो दशक पुराने आपराधिक मानहानि मामले में पत्रकार संजीत कुमार मंडल को राहत दी है। अदालत ने कहा कि किसी पुलिस अधिकारी के आधिकारिक बयान को स्रोत के साथ समाचार के रूप में प्रकाशित करना पत्रकार की ओर से स्वयं आरोप लगाना नहीं माना जा सकता। खंडपीठ ने शिकायतकर्ता की अपील खारिज करते हुए सेशंस कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
मामला वर्ष 2005 में देवघर के एएस कॉलेज से संबंधित एक समाचार से शुरू हुआ था। प्रकाशित रिपोर्ट में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर कथित अवैध नामांकन के विषय में तत्कालीन एसडीपीओ का आधिकारिक बयान और कॉलेज की नियम-प्रक्रिया का उल्लेख किया गया था। तत्कालीन प्रधान लिपिक बिमलेंदु नारायण बाल ने दावा किया था कि खबर के प्रकाशन से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने समाचार में प्रकाशित सामग्री और उसके स्रोत पर विचार किया। अदालत ने पाया कि रिपोर्टर ने अपनी ओर से कोई नया, व्यक्तिगत या मनगढ़ंत आरोप नहीं जोड़ा था। खबर में तत्कालीन एसडीपीओ विपुल शुक्ला के आधिकारिक बयान को प्रस्तुत किया गया था। इसी आधार पर अदालत ने बयान देने वाले अधिकारी और उसे रिपोर्ट करने वाले पत्रकार की भूमिकाओं को अलग माना।
अदालत के सामने यह पहलू भी आया कि शिकायतकर्ता ने उस पुलिस अधिकारी के विरुद्ध मानहानि की शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, जिसके बयान पर खबर आधारित थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधिकारिक स्रोत से मिली जानकारी की तथ्यात्मक रिपोर्टिंग को पत्रकार द्वारा स्वतंत्र रूप से आरोप लगाने के समान नहीं रखा जा सकता।
इस मामले में जून 2010 में देवघर की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने तत्कालीन संपादक रवि प्रकाश, रिपोर्टर संजीत कुमार मंडल और तत्कालीन प्राचार्य डॉ. नागेश्वर शर्मा को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत दोषी ठहराकर एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनाई थी। सितंबर 2011 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषसिद्धि और सजा रद्द कर दी थी, जिसके बाद शिकायतकर्ता हाईकोर्ट पहुंचे थे।
न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने सेशंस कोर्ट के निर्णय को कायम रखा। सुनवाई में यह भी दर्ज हुआ कि अपील लंबित रहने के दौरान तत्कालीन संपादक रवि प्रकाश का निधन हो चुका था। फैसले का निष्कर्ष आधिकारिक बयानों पर आधारित समाचारों में स्रोत और पत्रकार की अपनी टिप्पणी के बीच अंतर को रेखांकित करता है।