इचाक के जलौंध में कथित अवैध आरा मिल पर वन विभाग की छापेमारी, तीन ऑपरेटर गिरफ्तार

हजारीबाग के इचाक थाना क्षेत्र स्थित जलौंध गांव में वन विभाग ने कथित अवैध आरा मिल पर छापा मारा। मौके से लकड़ी और मिल जब्त करने के साथ तीन ऑपरेटरों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है।

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हजारीबाग जिले के इचाक थाना क्षेत्र के जलौंध गांव में वन विभाग ने कथित रूप से अवैध ढंग से चल रहे एक आरा मिल के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रकाशित विवरण के अनुसार, सोमवार को हुई छापेमारी में मिल पर काम कर रहे तीन ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया। विभाग ने मौके से लकड़ी और आरा मिल से संबंधित सामान भी जब्त किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई डीएफओ मोहित बंसल के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान चीरी हुई लकड़ी के पटरे, लकड़ी के गोले और आरा मिल को जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए तीनों ऑपरेटरों को वन विभाग के कर्मचारी अपने साथ ले गए।

वन विभाग को सूचना मिली थी कि जलौंध गांव के एक सुनसान स्थान पर आरा मिल स्थापित कर कई महीनों से लकड़ी काटने और चीरने का काम किया जा रहा है। उपलब्ध विवरण में कहा गया है कि विभाग ने सूचना का सत्यापन करने के बाद छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान मिल का मुख्य संचालक मौके से निकल गया। रिपोर्ट के अनुसार, विभाग उसके विरुद्ध वन अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी किए जाने की भी जानकारी दी गई है।

छापेमारी दल में वनपाल और वनरक्षक मुकेश कुमार के साथ कई दैनिक वेतनभोगी वनकर्मी शामिल थे। हालांकि, उपलब्ध विवरण में जब्त लकड़ी की मात्रा, उसकी किस्म और गिरफ्तार ऑपरेटरों की पहचान नहीं बताई गई है। मामले में विभागीय जांच तथा कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई है।

इस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी फिलहाल प्रकाशित रिपोर्ट में दिए गए वन विभाग के पक्ष तक सीमित है। मुख्य संचालक की गिरफ्तारी और जब्त सामग्री की विस्तृत गणना के संबंध में आगे की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।