इटकी के रानीखटंगा में ग्रामीणों ने श्रमदान से 600 मीटर सड़क को बनाया चलने लायक

रानीखटंगा गांव के युवाओं ने चंदा जुटाकर मिट्टी-मोरम की व्यवस्था की और मुख्य मार्ग से बाड़ी मस्जिद तक करीब 600 मीटर कच्चे रास्ते का मोरमीकरण किया।

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इटकी के रानीखटंगा गांव में सड़क पर श्रमदान करते स्थानीय युवा

रांची जिले के इटकी प्रखंड स्थित रानीखटंगा गांव में युवाओं ने श्रमदान कर करीब 600 मीटर लंबी कच्ची सड़क को आवागमन योग्य बनाया है। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा जुटाया, मिट्टी-मोरम की व्यवस्था की और मुख्य मार्ग से बाड़ी मस्जिद तक के रास्ते पर मोरमीकरण का काम पूरा किया।

ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दिनों में इस रास्ते पर काफी कीचड़ जमा हो जाता था। इसके कारण पैदल चलना भी कठिन हो जाता था। समस्या का असर विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों और गांव के बुजुर्गों की आवाजाही पर पड़ रहा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से कई बार गुहार लगाई गई थी। समाधान नहीं मिलने पर गांव के युवाओं ने स्वयं काम शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद आवश्यक सामग्री जुटाने के लिए सामूहिक रूप से चंदा एकत्र किया गया।

मिट्टी-मोरम उपलब्ध होने के बाद युवाओं ने कुदाल और फावड़े से रास्ते का मोरमीकरण किया। यह पक्की सड़क नहीं है, लेकिन काम पूरा होने से ग्रामीणों को फिलहाल आवागमन में राहत मिली है। बरसात में कीचड़ से बाधित होने वाले मार्ग को चलने लायक बनाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य था।

श्रमदान में सदर अजहर अंसारी, सेक्रेटरी इमरोज अंसारी, अब्दुल कुद्दूस, अतिकूल अंसारी, फजले अंसारी, सरबूल अंसारी और सफी नजर सहित गांव के अन्य युवा शामिल रहे। ग्रामीणों की यह सामूहिक पहल गांव की बुनियादी समस्या के स्थानीय स्तर पर समाधान का उदाहरण बनी है।