बोकारो जिले के चास नगर निगम क्षेत्र में नालियों और बड़े नालों पर अतिक्रमण के कारण जलनिकासी प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के समय पानी का रास्ता बाधित होने से कई मोहल्लों में जलजमाव हो जाता है। उन्होंने नालियों का सर्वे कर अतिक्रमण वाले स्थानों को चिह्नित करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई है।
मेन रोड से जुड़ी सड़कों तक दुकानों, प्रतिष्ठानों और दूसरे निर्माणों के कारण नालियां कई जगह संकरी हो गई हैं। पुराना बाजार और उसके आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के अनुसार बरसात में यह समस्या बार-बार सामने आती है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की चर्चा होती है, लेकिन बारिश समाप्त होने के बाद स्थिति में स्थायी बदलाव दिखाई नहीं देता।
सिंगारीजोरिया की स्थिति को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चिंता जताई गई है। लोगों के मुताबिक बाबा नगर से चिराचास तक कई स्थानों पर इसका रास्ता अतिक्रमण के कारण संकरा हो गया है। इसका असर रामनगर, शिवपुरी, बाउरी टोला, कृष्णापुरी, बाबा नगर, दारकू नगर, चिराचास, भलसुंधा, तेलपट्टी, प्रभात कॉलोनी और गायघाट क्षेत्र की जलनिकासी पर पड़ता है।
क्षेत्र के लोगों ने सिंगारीजोरिया की करीब 10 किलोमीटर तक मापी कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन कर अतिक्रमण वाले हिस्सों की पहचान की जा सके। इस संबंध में चास नगर निगम के एएमसी संजीव कुमार और अंचलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया है। मांग में सर्वे के बाद प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
चास नगर निगम के एएमसी संजीव कुमार के अनुसार सिंगारीजोरिया समेत बड़े नालों पर अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को पहले नोटिस दिए जा चुके हैं और अब कार्रवाई की जाएगी। निगम के इस अभियान के बाद स्थानीय लोगों को जलनिकासी व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, हालांकि इसका असर आगे की कार्रवाई और नालों के रास्ते को व्यवस्थित रखने पर निर्भर करेगा।