जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल से होमगार्ड जवानों को हटाने के स्वास्थ्य मंत्री के आदेश का विरोध तेज हो गया है। झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रविवार को साकची के आमबागान मैदान में आमसभा आयोजित की गई। इसमें पूर्वी सिंहभूम के सैकड़ों होमगार्ड जवान शामिल हुए और आदेश वापस लेने की मांग रखी।
आमसभा में जवानों ने अपने रोजगार, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। एसोसिएशन का कहना है कि अस्पताल से जवानों को हटाए जाने पर उनकी आजीविका प्रभावित होगी। संगठन ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
सभा की अध्यक्षता एसोसिएशन के जमशेदपुर जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा सिंह ने की, जबकि संचालन कोल्हान सचिव विनय सिंह ने किया। प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि होमगार्ड जवान झारखंड के स्थायी निवासी हैं और उनमें से अधिकांश गरीब तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आशंका जताई कि एमजीएम अस्पताल से हटाने का निर्णय कई जवानों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा कर सकता है। उनका आग्रह है कि सरकार कोई निर्णय लेते समय जवानों की आजीविका के साथ उनके आश्रित परिवारों के भविष्य को भी ध्यान में रखे।
जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा सिंह ने कहा कि जवानों को अस्पताल से हटाया गया तो संगठन फैसले के विरुद्ध झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा। उन्होंने आदेश वापस लेने की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी।
बैठक में चाईबासा जिला अध्यक्ष चरण चातर, सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष प्रकाश पूर्ति और जिला महिला प्रतिनिधि रामेश्वरी कालिंदी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह जवानों की आजीविका से जुड़े इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा। फिलहाल संगठन ने सरकार से आदेश वापस लेने और होमगार्ड जवानों की चिंताओं पर विचार करने की मांग की है।