एशियाई खेलों में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने जीता स्वर्ण, अंकिता भकत ने जमशेदपुर का बढ़ाया मान

आइची-नागोया एशियाई खेलों के महिला रिकर्व फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। विजेता टीम में टाटा आर्चरी अकादमी की अंकिता भकत भी शामिल रहीं।

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भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम की सदस्य अंकिता भकत और उनकी साथी खिलाड़ी

जमशेदपुर की टाटा आर्चरी अकादमी से जुड़ी तीरंदाज अंकिता भकत ने एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला रिकर्व टीम की स्वर्ण पदक जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जापान के आइची-नागोया में हुए खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से पराजित किया।

भारतीय टीम में अंकिता के साथ कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहड़ शामिल थीं। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों खिलाड़ियों ने फाइनल में तालमेल और सटीक निशाने के दम पर मजबूत मानी जाने वाली दक्षिण कोरियाई टीम को पीछे छोड़ा। दबाव भरे मुकाबले में अंकिता ने 10 अंक वाले निशाने भी लगाए।

इस सफलता का जमशेदपुर से सीधा संबंध टाटा आर्चरी अकादमी के माध्यम से है। अंकिता ने वर्ष 2014 में इस अकादमी में प्रवेश लिया था। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिला, जिससे उनके खेल को आगे बढ़ने का अवसर मिला।

अंकिता मूल रूप से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उन्होंने करीब 10 वर्ष की उम्र में स्थानीय क्लब में बांस के साधारण धनुष से तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया था। शुरुआती दौर के बाद अकादमी में चयन उनके खेल जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बना।

भारतीय महिला टीम की जीत के बाद जमशेदपुर और झारखंड के खेल समुदाय में उत्साह है। टाटा स्टील के खेल विभाग, अकादमी के प्रशिक्षकों और राज्य के खेल प्रेमियों ने टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। यह नतीजा झारखंड से जुड़ी तीरंदाजी प्रतिभाओं की अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौजूदगी को भी रेखांकित करता है।

दक्षिण कोरिया के खिलाफ 5-3 की जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है कि फाइनल में भारतीय तिकड़ी को लगातार सटीकता बनाए रखनी थी। अंकिता, कीर्ति और कुमकुम के संयुक्त प्रदर्शन ने भारत को महिला रिकर्व टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक दिलाया और जमशेदपुर की तीरंदाजी प्रशिक्षण परंपरा में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ी।