एसआईआर सुनवाई में हर मामले की अलग जांच का निर्देश, पात्र मतदाताओं तक पहुंच पर जोर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने एसआईआर से जुड़े मामलों में दस्तावेज के आधार पर जांच करने और आवेदन पत्रों के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने का निर्देश दिया।

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रांची में एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा करते निर्वाचन अधिकारी

रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने एसआईआर से जुड़े अधिकारियों को सुनवाई और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया सावधानी से पूरी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में केवल औपचारिकता निभाने के बजाय उपलब्ध अभिलेखों और दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार जांच, सत्यापन और निर्णय किया जाए।

शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा में जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और उप निर्वाचन पदाधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक मामले का समुचित निरीक्षण किए बिना सामूहिक रूप से आदेश पारित नहीं किए जाएं और अंतिम आदेश निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही जारी हों।

बैठक में नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से मिले आवेदनों के डिजिटाइजेशन की प्रगति बढ़ाने तथा सुनवाई की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 26 अक्टूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठक में एसआईआर की प्रगति साझा की जाएगी। इसे देखते हुए संबंधित अधिकारियों को ईसीआईनेट पर अलग-अलग प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन और लंबित सुनवाई के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

होम-टू-रोल सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करने को कहा गया। नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 के विशेष शिविर लगाने का निर्देश भी दिया गया है। जनजातीय समूहों की अधिक आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।

निर्देशों में दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के साथ जनजातीय समुदायों, दिव्यांग लोगों, वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों, बेघर व्यक्तियों तथा सामाजिक या भौगोलिक रूप से वंचित समूहों तक सक्रिय पहुंच बनाने पर जोर है। अधिकारियों से इन वर्गों को पंजीकरण, विवरण सुधार और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में जरूरी सहायता देने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।