ओबीसी आरक्षण की मांग पर पांच जिलों में बंद, रांची में सीमित और खूंटी में व्यापक असर

ओबीसी आरक्षण और अधिकारों की मांग को लेकर बुलाए गए बंद का रांची में सीमित असर रहा, जबकि खूंटी में सड़क यातायात और बाजार अधिक प्रभावित हुए।

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ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर रांची में सड़क पर उतरे बंद समर्थक

ओबीसी आरक्षण और अधिकारों की मांग को लेकर मंगलवार को झारखंड के पांच जिलों में बंद और चक्काजाम का आह्वान किया गया। इसका असर रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में अलग-अलग स्तर पर दिखा। राजधानी रांची में सामान्य गतिविधियां बड़े पैमाने पर जारी रहीं, जबकि खूंटी में सड़कों और बाजारों पर बंद का अधिक प्रभाव देखा गया।

रांची के अरगोड़ा चौक सहित कुछ स्थानों पर बंद समर्थक सड़क पर उतरे और वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो गया। हटिया डीएसपी नीरज के अनुसार, कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ था।

राजधानी के अधिकांश बाजार और दुकानें खुली रहीं। स्कूल-कॉलेजों की गतिविधियां तथा सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी सामान्य रूप से चला। प्रमुख सड़कों पर यातायात जारी रहा, हालांकि ग्रामीण इलाकों में सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की संख्या कुछ कम नजर आई।

खूंटी में केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति के आह्वान पर हुए बंद का असर अधिक रहा। प्रदर्शनकारियों ने रांची-खूंटी मुख्य मार्ग के हूटार चौक पर बांस और पत्थर लगाकर रास्ता रोका। चाईबासा से खूंटी आने वाला मार्ग भी बाधित हुआ और सड़क के दोनों ओर बसों, ट्रकों तथा निजी वाहनों की कतारें लग गईं।

खूंटी मुख्यालय के साथ तोरपा और मुरहू प्रखंड के मुख्य बाजारों में भी दुकानें तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। लंबी दूरी की बसों का परिचालन रुकने से यात्रियों को परेशानी हुई। गुमला में भी बंद का अपेक्षाकृत अधिक असर बताया गया, जबकि सिमडेगा और लोहरदगा में समर्थक सड़कों पर सक्रिय रहे।

बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई। सड़क जाम करने और जबरन प्रतिष्ठान बंद कराने की कोशिशों पर निगरानी रखी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रांची में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जाम लंबे समय तक नहीं रहा, लेकिन खूंटी के कई हिस्सों में आम जनजीवन और परिवहन प्रभावित हुआ।