रांची में भाजपा की कोर कमेटी बैठक, रोजगार और कानून-व्यवस्था पर सरकार से मांगा जवाब

प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद भाजपा नेताओं ने रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, महिला सुरक्षा और राज्य के विकास को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

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रांची में भाजपा की कोर कमेटी बैठक के बाद प्रेस वार्ता में उपस्थित पार्टी नेता

रांची में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी ने रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी ने आने वाले दिनों में जनसमस्याओं को लेकर अपना विरोध तेज करने की बात कही। प्रदेश प्रभारी के रूप में पटेल की यह पहली प्रेस वार्ता थी।

प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। बैठक में राज्य की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति के साथ सरकार के कामकाज पर चर्चा की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे जनता से जुड़े विषयों पर सरकार से लगातार जवाब मांगेंगे।

भाजपा ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सिंचाई जैसे क्षेत्रों में कई चुनौतियां बनी हुई हैं। पार्टी का दावा है कि विकास से जुड़े वादे अपेक्षा के अनुरूप पूरे नहीं हुए और इसका असर गरीबों, आदिवासियों, दलितों, पिछड़े वर्गों, महिलाओं तथा युवाओं पर पड़ रहा है। ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं।

रोजगार के सवाल पर पार्टी ने जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। नेताओं ने दावा किया कि इन विवादों के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है और युवा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रहे हैं। भाजपा ने सरकार से परीक्षा और नियुक्ति से जुड़े विषयों का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

पार्टी ने महिला सुरक्षा और राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में सरकारी तंत्र को अधिक जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए। जमीन, बालू और खनिज संसाधनों के संरक्षण तथा जनहित में उनके उपयोग को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई। वित्तीय अनियमितताओं संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मतदाता सूची का विषय भी प्रेस वार्ता में उठा। भाजपा नेताओं ने वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और ऐसे नाम हटाने की बात कही जिन्हें पार्टी वास्तविक मतदाता नहीं मानती। इस राजनीतिक दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पार्टी ने कहा कि वह किसान, मजदूर, महिला, युवा और अन्य वर्गों के मुद्दों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।