करगली में भगत सिंह की जयंती मनाई गई, दो स्थानों पर प्रतिमा पर माल्यार्पण

बोकारो के बेरमो क्षेत्र स्थित करगली में विभिन्न संगठनों और विस्थापित प्रतिनिधियों ने भगत सिंह की जयंती पर उन्हें नमन किया तथा उनके विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।

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बोकारो जिले के बेरमो क्षेत्र स्थित करगली में सोमवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न संगठनों के सदस्यों और विस्थापित प्रतिनिधियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।

एक कार्यक्रम झारखंड विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति और असहाय जन संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसमें उपस्थित लोगों ने भगत सिंह को नमन करते हुए उनके आदर्शों और देश के लिए दिए गए बलिदान पर चर्चा की।

समिति के अध्यक्ष काशीनाथ केवट ने कहा कि आजादी के कई दशक बीतने के बावजूद भगत सिंह की कल्पना के अनुरूप भारत का निर्माण अभी पूरी तरह नहीं हो पाया है। उन्होंने क्रांतिकारियों के सपनों और आदर्शों को साकार करने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की बताई।

कार्यक्रम में शिवशंकर शर्मा ने भगत सिंह के विचारों को मौजूदा समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि उनके वैज्ञानिक और प्रगतिशील दृष्टिकोण को समझना तथा आगे बढ़ाना जरूरी है। इस आयोजन में महासचिव सूरज महतो के साथ लालमोहन महतो, कामेश्वर गिरी, संतोष चंद्रवंशी, सुनीता सिंह, नीरा देवी, रूपा देवी और मो साहिल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

करगली में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के प्रेरणा स्थल पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। ढोरी क्षेत्रीय अध्यक्ष और विस्थापित नेता कैलाश ठाकुर सहित अन्य लोगों ने वहां स्थापित भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

प्रेरणा स्थल के कार्यक्रम में मंगल ठाकुर, प्रबीर मुखर्जी, बॉबी कुमार, राहुल कुमार, मनोज दुबे और सूर्यदेव चौधरी सहित कई लोग शामिल हुए। दोनों आयोजनों में भगत सिंह की स्मृति के साथ उनके विचारों और सामाजिक दृष्टिकोण को आगे ले जाने का संदेश दिया गया।