कांग्रेस के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ कार्यक्रम के लिए झारखंड में पांच पर्यवेक्षक नियुक्त

कांग्रेस ने झारखंड के 24 जिलों और रांची महानगर में चौपालों के संचालन के लिए पांच पर्यवेक्षक बनाए हैं। कार्यक्रम 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा।

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कांग्रेस ने अपने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ कार्यक्रम के संचालन के लिए झारखंड में पांच नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उन्हें राज्य के 24 जिलों और रांची महानगर समेत कुल 25 संगठनात्मक इकाइयों की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के तहत जिलावार चौपाल आयोजित करने की तैयारी है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, ये चौपाल 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक आयोजित की जाएंगी। नियुक्त पर्यवेक्षकों की भूमिका अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित कराने की होगी। उपलब्ध विवरण में झारखंड के पांच पर्यवेक्षकों के नाम और उनके अलग-अलग जिलावार प्रभार की जानकारी नहीं दी गई है।

कांग्रेस ने झारखंड के छह नेताओं को दूसरे राज्यों में भी पर्यवेक्षक बनाया है। इन नेताओं को छत्तीसगढ़, बिहार, असम और नागालैंड के विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक पर्यवेक्षक को सामान्यतः चार से छह जिलों का प्रभार दिए जाने की जानकारी है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को छत्तीसगढ़ के सात संगठनात्मक क्षेत्रों का पर्यवेक्षक बनाया गया है। इनमें दुर्ग शहर, दुर्ग ग्रामीण और राजनांदगांव के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल हैं। जयशंकर पाठक को असम के पांच और बन्ना गुप्ता को नागालैंड के चार जिलों की जिम्मेदारी मिली है।

राजेश कच्छप को बिहार के चार जिलों का प्रभार सौंपा गया है। अजय कुमार और कुमार जयमंगल को बिहार में पांच-पांच जिलों का पर्यवेक्षक बनाया गया है। ये नियुक्तियां देशभर में चलाए जा रहे कार्यक्रम के लिए कांग्रेस की जिलावार संगठनात्मक व्यवस्था का हिस्सा हैं।

कार्यक्रम की अगली प्रमुख गतिविधि के रूप में एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस रैली में विपक्षी गठबंधन के घटक दल शामिल होंगे। झारखंड में नियुक्त पर्यवेक्षकों को एक महीने की निर्धारित अवधि के दौरान जिलावार चौपालों के आयोजन की जिम्मेदारी निभानी है।