किस्को कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन की संविदा समाप्त, छात्रा की देखभाल में लापरवाही पर कार्रवाई

लोहरदगा जिला प्रशासन ने किस्को के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की तत्कालीन वार्डन की संविदा सेवा समाप्त कर दी। जिला चयन समिति ने उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया।

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लोहरदगा के किस्को स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई

लोहरदगा जिले के किस्को स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सातवीं कक्षा की एक छात्रा की आकस्मिक मृत्यु के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। विद्यालय की तत्कालीन वार्डन संगीता साहू की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। यह निर्णय छात्रा की देखभाल और उपचार से जुड़े तथ्यों की प्रशासनिक समीक्षा के बाद लिया गया।

छात्रा की मृत्यु 13 अक्टूबर को हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने उसकी तबीयत बिगड़ने पर विद्यालय की ओर से उठाए गए कदमों, चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया की जांच शुरू की। समीक्षा में छात्रा की देखरेख तथा सुरक्षा से जुड़े दायित्वों के पालन को भी शामिल किया गया।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार मीणा की अध्यक्षता में हुई जिला चयन समिति की बैठक में तत्कालीन वार्डन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण पर विचार किया गया। प्रशासन के अनुसार, समिति ने उनके जवाब को असंतोषजनक माना और निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाई।

प्रशासनिक समीक्षा में कहा गया कि छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई और अस्पताल ले जाने में भी विलंब हुआ। विभागीय दिशा-निर्देशों के पालन में कमी की बात भी सामने रखी गई। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर समिति ने संविदा सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया।

जिला प्रशासन ने आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्व संवेदनशीलता तथा जवाबदेही के साथ निभाने और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में निर्धारित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की देखरेख से जुड़ी जिम्मेदारियों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्यालय स्तर पर बीमारी की सूचना मिलने के बाद समय पर सहायता और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित कर्मियों के दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।