कुड़ू में पांच पूजा पंडालों की शोभायात्रा के बाद दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन

लोहरदगा के कुड़ू प्रखंड में शहरी और ग्रामीण पूजा समितियों ने शोभायात्राएं निकालीं। पुलिस-प्रशासन की निगरानी में प्रतिमा विसर्जन के साथ दुर्गापूजा संपन्न हुई।

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कुड़ू में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु

लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ शारदीय दुर्गापूजा का समापन हो गया। शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ शोभायात्राएं निकालीं और नदियों तथा तालाबों के पास प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान प्रखंड और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में जुटा रहा।

कुड़ू के शहरी क्षेत्र में पांच पूजा पंडालों की ओर से विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। इनमें बस स्टैंड की मां शक्ति दुर्गापूजा समिति, दुर्गाबाड़ी की केंद्रीय दुर्गापूजा समिति, देवी मंडप की मां भवानी दुर्गापूजा समिति, नीचे स्टैंड की जय माता दी दुर्गापूजा समिति और ब्लॉक मोड़ की मां अम्बे दुर्गापूजा समिति शामिल रहीं।

शोभायात्रा ब्लॉक मोड़, बस स्टैंड और इंदिरा गांधी चौक से होकर नीचे स्टैंड स्थित तालाब पहुंची। वहां महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं को विदाई दी और विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की। विभिन्न पूजा समितियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस यात्रा में शामिल हुए।

सुरक्षा के लिए शहरी क्षेत्र की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरे से नजर रखी गई। शोभायात्रा के साथ दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात रहे, जबकि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी लगाए गए। व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश भी रोका गया। बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी नीरज झा विसर्जन पूरा होने तक स्थल पर मौजूद रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी पूजा समितियों ने स्थानीय मार्गों से शोभायात्राएं निकालीं। सलगी, बड़की चांपी, विश्रामगढ़, ओपा, सुकुमार, लावागांई, जीमा, टाटी, जिंगी, पंडरा, ककरगढ़, हेंजला, चंदलासो और कोकर समेत विभिन्न स्थानों पर गांवों का भ्रमण करने के बाद प्रतिमाएं नदियों और तालाबों के समीप ले जाई गईं। प्रशासन की देखरेख में विसर्जन संपन्न होने के साथ प्रखंड में इस वर्ष का दुर्गापूजा आयोजन समाप्त हुआ।