धनबाद के कुसुंडा क्षेत्र स्थित विश्वकर्मा कोलडंप में पेलोडर हादसे से घायल असंगठित महिला मजदूर कलावती देवी के मुआवजे की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया है। शनिवार को उनके परिजनों ने विश्वकर्मा कांटाघर का काम प्रभावित कर दिया। काम बाधित होने के बाद मामले के समाधान के लिए धनसार कोलियरी कार्यालय में वार्ता बुलाई गई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
प्रकाशित विवरण के अनुसार, कलावती देवी कुछ दिन पहले विश्वकर्मा कोलडंप में पेलोडर हादसे की चपेट में आई थीं। उन्हें इलाज के लिए दुर्गापुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान चिकित्सकों को उनका दाहिना पैर काटना पड़ा। अस्पताल से लौटने के बाद परिजन उन्हें धनसार स्थित घर ले आए हैं।
परिवार की ओर से मुआवजे की मांग उठाते हुए कांटाघर का काम प्रभावित किया गया। इसके बाद परियोजना पदाधिकारी वीके पांडेय के साथ बातचीत की व्यवस्था की गई। वार्ता में यूनियन नेता देशराज चौहान, धर्म बाउरी, किशोर मुर्मू और सुमन हांसदा के अलावा ट्रांसपोर्टर-लिफ्टर अभिषेक सिंह तथा प्रबंधन के प्रतिनिधि शामिल हुए।
हालांकि, घायल मजदूर के परिजन वार्ता में शामिल नहीं हुए। इस कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। परियोजना पदाधिकारी के अनुसार, परिजनों को बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि कांटाघर का काम अब भी बाधित है।
काम रुकने से ट्रकों में कोयला लोड करने वाले मजदूरों की परेशानी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मजदूरों ने कहा कि कांटाघर ठप रहने से उनका काम प्रभावित हो रहा है। इस तरह मामला घायल महिला के मुआवजे की मांग के साथ-साथ कोलडंप की नियमित गतिविधियों और दूसरे श्रमिकों के काम से भी जुड़ गया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मुआवजे की राशि, भुगतान की समयसीमा या अगली वार्ता की तारीख तय होने का उल्लेख नहीं है। विवाद का समाधान नहीं होने के कारण कांटाघर का संचालन सामान्य होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। आगे की सहमति के लिए घायल मजदूर के परिवार, प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच दोबारा बातचीत की आवश्यकता बनी हुई है।