कोडरमा में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर फेसबुक पर फर्जी पहचान बनाने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन को सूचना मिली है कि ‘उत्कर्ष गुप्ता आईएएस’ नाम वाले इस संदिग्ध खाते से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदेश भेजे जा रहे हैं। प्रशासन ने इसे लेकर आम नागरिकों को सतर्क किया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त अपनी निजी फेसबुक आईडी से किसी नागरिक को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर आर्थिक सहायता या धनराशि की मांग नहीं करते। वह इस माध्यम से किसी से व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध भी नहीं करते हैं। इसलिए उनके नाम या तस्वीर वाले किसी खाते से ऐसा संदेश मिलने पर उसे वास्तविक नहीं मानने की सलाह दी गई है।
लोगों से कहा गया है कि संदिग्ध प्रोफाइल से आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट, संदेश या कॉल पर भरोसा न करें। आर्थिक लेनदेन अथवा निजी सूचना से जुड़ा कोई अनुरोध मिलने पर उसका जवाब भी नहीं दें। प्रशासन ने खास तौर पर बैंक खाते, एटीएम और ओटीपी सहित दूसरी संवेदनशील जानकारियां साझा नहीं करने की अपील की है।
प्रशासन के अनुसार, उपायुक्त के नाम और फोटो का इस्तेमाल करने वाले संदिग्ध फेसबुक प्रोफाइल को प्लेटफॉर्म पर तुरंत रिपोर्ट किया जाना चाहिए। साथ ही उस खाते को ब्लॉक करने की सलाह दी गई है, ताकि उससे आगे संपर्क या संदेश भेजे जाने की संभावना को सीमित किया जा सके।
यदि किसी व्यक्ति को इस फर्जी आईडी के जरिये साइबर ठगी या किसी अन्य साइबर अपराध की आशंका होती है, तो उसे नजदीकी थाना या साइबर थाना को तत्काल सूचना देने को कहा गया है। यह परामर्श उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जिन्हें खाते से अभी केवल फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली है और कोई वित्तीय मांग नहीं की गई है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर अधिकारियों के नाम और तस्वीरों का दुरुपयोग कर लोगों को भ्रमित करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी प्रोफाइल पर परिचित नाम या आधिकारिक पद दिखाई देना उसकी प्रामाणिकता का पर्याप्त प्रमाण नहीं है; ऐसे खाते से निजी या वित्तीय जानकारी मांगे जाने पर नागरिक सतर्कता बरतें और निर्धारित माध्यम से पुलिस को जानकारी दें।