रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में झारखंड सरकार के गृह विभाग का अधिकारी बनकर पुलिस पर प्रभाव डालने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान अरुण कुमार अग्रवाल के रूप में की है। उसके खिलाफ पिठोरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सरकारी पहचान और दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग की जांच शुरू की गई है।
प्राथमिकी के अनुसार, करीब एक वर्ष से एक व्यक्ति मोबाइल फोन पर अपना परिचय अजय कुमार और गृह विभाग के अंडर सेक्रेटरी के रूप में देता था। आरोप है कि वह वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध होने की बात कहकर पिठोरिया क्षेत्र के मामलों में हस्तक्षेप करने और पुलिस पदाधिकारियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश करता था।
पुलिस के मुताबिक, 21 सितंबर को चांदवे स्थित एक घर से जुड़ी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस दल के साथ वहां पहुंचे। मौके पर मिले व्यक्ति ने कथित रूप से खुद को अंडर सेक्रेटरी बताया और विभागीय अधिकारियों से अपने संबंधों का हवाला दिया। संदेह होने पर पुलिस ने उसके वाहन और उपलब्ध कागजात की जांच की।
जांच में पुलिस को पता चला कि खुद को अजय कुमार बताने वाला व्यक्ति अरुण कुमार अग्रवाल है। पुलिस का कहना है कि उसकी कार पर पुलिस के लाल-नीले बोर्ड जैसे चिह्न, झारखंड सरकार के गृह विभाग से जुड़े स्टिकर और कार पास लगे थे। वाहन से सरकारी विभागों के नाम और लोगो वाले पहचान संबंधी कागजात भी मिलने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, तलाशी में गृह विभाग तथा अन्य विभागों से जुड़े दस्तावेजों के साथ नक्सली संगठन से संबंधित गोपनीय पत्रों की प्रतियां भी मिली हैं। इनमें पुरस्कार राशि के नवीनीकरण और उग्रवाद से जुड़े पत्राचार की प्रतियां शामिल होने की बात कही गई है। इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता, उनके स्रोत और कथित इस्तेमाल की जांच की जा रही है।
पिठोरिया थाना कांड संख्या 97/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 205, 338, 336(3), 340(2), 319(2) और 318(4) लगाई गई हैं। इसके अलावा ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 की धारा 3, 5 और 6 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।