कोडरमा जिले के चंदवारा प्रखंड स्थित जामु खाड़ी मैदान में मंगलवार को प्रकृति पर्व करमा के अवसर पर महोत्सव आयोजित किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं महिलाओं ने विधि-विधान से करम डाल की पूजा की। उन्होंने डाल में रक्षा सूत्र बांधकर अपने भाइयों की लंबी आयु के साथ प्रकृति के हरा-भरा रहने की कामना की।
महोत्सव का आयोजन घटवार आदिवासी महासभा की ओर से किया गया। आयोजन स्थल पर पूजा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्व से जुड़ी परंपराओं को सामने रखा गया। करम डाल के पास जुटीं महिलाओं ने अच्छी खेती और जल-जंगल की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना की।
कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक नृत्य और संगीत ने आयोजन को उत्सव का स्वरूप दिया। महोत्सव में शामिल महिलाओं ने झूमर पेश किया, जबकि मांदर की थाप पर उपस्थित लोग भी पर्व के उल्लास में शामिल हुए।
आयोजक राजेश सिंह घटवार के अनुसार, आदिवासी समुदाय का जीवन जल, जंगल और प्रकृति से गहराई से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग जंगलों के बीच रहते हुए प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में लगे रहते हैं और करमा महोत्सव के माध्यम से इसी जुड़ाव से संबंधित भावनाएं व्यक्त करते हैं।
करमा पर्व समाज के अलग-अलग वर्गों में मनाया जाता है, लेकिन आदिवासी समाज में इसका विशेष महत्व है। जामु खाड़ी मैदान के आयोजन में भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ी कामना के साथ पर्यावरण संरक्षण और खेती की समृद्धि का संदेश भी प्रमुखता से दिखाई दिया।
पूजा, रक्षा सूत्र, झूमर और मांदर की प्रस्तुतियों ने महोत्सव के पारंपरिक स्वरूप को एक साथ सामने रखा। स्थानीय आयोजन में महिलाओं और छात्राओं की भागीदारी ने करमा से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया तथा प्रकृति के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी को रेखांकित किया।