कोडरमा के रेलवे परिसरों में कूड़ा फैलाने पर अब लगेगा 1,000 रुपये जुर्माना

रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और फुटओवर ब्रिज पर कचरा फैलाने पर जुर्माना बढ़ाया गया है। भुगतान नहीं करने पर मामला न्यायालय में जाएगा।

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झुमरीतिलैया के रेलवे परिसर में स्वच्छता नियमों से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

कोडरमा के झुमरीतिलैया क्षेत्र सहित रेलवे परिसरों में गंदगी फैलाना अब अधिक महंगा पड़ेगा। रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, स्टेशन और उससे जुड़े परिसरों में कूड़ा-कचरा फैलाने पर निर्धारित जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। नए प्रावधान का उद्देश्य यात्रियों की भागीदारी से रेल परिसरों में स्वच्छता बनाए रखना है।

यह बदलाव भारतीय रेलवे स्टेशन नियम, 2012 के अंतर्गत स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लागू दंड से संबंधित है। जन विश्वास अधिनियम-2026 के माध्यम से जुर्माने की राशि में संशोधन किया गया है। नियम के तहत रेलवे परिसर में कचरा फेंकने वाले व्यक्ति से मौके पर 1,000 रुपये का दंड लिया जा सकता है।

यदि संबंधित व्यक्ति निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसे मामले में न्यायालय 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है। इस व्यवस्था के जरिए नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जवाबदेही तय करने की कोशिश की गई है।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता संबंधी व्यवस्था केवल प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है। स्टेशन परिसर, प्रतीक्षालय और फुटओवर ब्रिज जैसे यात्री उपयोग वाले स्थान भी इसके दायरे में आते हैं। यात्रियों से इन जगहों पर कचरा नहीं फैलाने और उपलब्ध डस्टबिन का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

रेलवे ने यात्रियों से स्वच्छ रेल परिसर बनाए रखने के अभियान में सहयोग की अपील की है। संशोधित जुर्माने की जानकारी यात्रियों को इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भुगतान से इनकार करने पर मामला न्यायालय तक पहुंच सकता है। यात्रा के दौरान कचरे का उचित निस्तारण करने से दंड से बचने के साथ स्टेशन की सफाई बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।