कोडरमा जिले के सभी छह प्रखंड मुख्यालयों पर शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एमएमडीआर संशोधन बिल के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और प्रस्तावित संशोधन को वापस लेने की मांग उठाई।
सदर प्रखंड मुख्यालय के सामने आयोजित धरने का नेतृत्व झामुमो के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने किया। प्रदर्शन में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष और विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी शालिनी गुप्ता भी शामिल हुईं। जिले के अन्य प्रखंडों में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसी मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया।
धरने में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि एमएमडीआर संशोधन बिल से झारखंड आर्थिक रूप से कमजोर होगा। यह पार्टी नेताओं का आरोप है और उपलब्ध जानकारी में केंद्र सरकार या किसी अन्य संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारियों ने बिल को राज्य के हितों से जोड़ते हुए इसके प्रावधानों का विरोध किया।
जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने कहा कि धरने के माध्यम से केंद्र से संशोधन बिल वापस लेने की मांग की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग स्वीकार नहीं होने पर झामुमो जिला और राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगा। फिलहाल पार्टी की ओर से अगले चरण के आंदोलन की तारीख या विस्तृत कार्यक्रम नहीं बताया गया है।
शालिनी गुप्ता ने भी संशोधन को झारखंड के हितों के विरुद्ध बताया। उनका कहना था कि राज्य के हितों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में लोग इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। धरने के दौरान वक्ताओं ने अपना पक्ष रखा, जबकि उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के जरिए मांगों का समर्थन किया।
कोडरमा में हुआ प्रदर्शन राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आयोजित झामुमो के विरोध कार्यक्रम का हिस्सा था। उपलब्ध विवरण के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्ण धरने और राजनीतिक विरोध तक सीमित रहा। बिल को लेकर उठाए गए आरोपों और मांगों पर किसी प्रशासनिक निर्णय अथवा आधिकारिक जवाब की जानकारी नहीं दी गई है।