कोडरमा में आयुष्मान योजना की समीक्षा, संदिग्ध कार्डों की जांच और लंबित मामलों के निपटारे का निर्देश

सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने स्वास्थ्य अधिकारियों को आयुष्मान मित्रों के साथ प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने और पात्र लाभार्थियों के दस्तावेज समय पर पोर्टल पर अपलोड कराने को कहा।

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कोडरमा में आयुष्मान स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक

कोडरमा में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की गई। सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने, निबंधन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया गया।

बैठक में सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. फराहाना महफूज, जिला कार्यक्रम समन्वयक सुमित सिन्हा और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने संस्थानों में योजना की नियमित निगरानी करने का निर्देश मिला। अधिकारियों से कहा गया कि वे प्रतिदिन आयुष्मान मित्रों के साथ बैठक कर काम की प्रगति और सामने आ रही समस्याओं की समीक्षा करें।

सिविल सर्जन ने पात्र लाभार्थियों का निबंधन निर्धारित समय पर कराने तथा जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। उनका निर्देश था कि दस्तावेजी प्रक्रिया में देरी के कारण किसी योग्य व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया।

समीक्षा के दौरान संदिग्ध स्थिति में चले गए कुछ आयुष्मान कार्डों का विषय भी सामने आया। सिविल सर्जन ने ऐसे कार्डों की जल्द जांच कराने और जहां आवश्यकता हो वहां सुधार तथा निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। हालांकि बैठक से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में संदिग्ध कार्डों की संख्या या उनमें पाई गई गड़बड़ी का विवरण नहीं दिया गया है।

अधिकारियों को पहले से लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने और योजना के संचालन में आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान निकालने को भी कहा गया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने और उन्हें इसका लाभ दिलाने के काम में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

जिला स्तर की इस समीक्षा में योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य संस्थानों को अब दैनिक समीक्षा, समयबद्ध निबंधन, दस्तावेज अपलोड और संदिग्ध कार्डों की जांच पर एक साथ ध्यान देना होगा। इन निर्देशों का उद्देश्य प्रक्रिया की बाधाओं को दूर कर पात्र लाभार्थियों के मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।