चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय में सोमवार को सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पेंशन और सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभों के भुगतान में देरी के विरोध में धरना दिया। कोल्हान विश्वविद्यालय सेवानिवृत्त शिक्षक संगठन के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग उठाई।
धरने के बाद संगठन ने कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ. अमर कुमार, वित्त पदाधिकारी और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। ज्ञापन में पेंशन के साथ ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, पेंशन एरियर और अन्य देय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
संगठन के सदस्यों के अनुसार, लंबित कार्यों के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को बार-बार विश्वविद्यालय आना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अधिक उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के कारण कार्यालयों के चक्कर लगाना उनके लिए परेशानी भरा है। इसी तरह की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से संगठन बनाया गया था।
शिक्षकों ने बताया कि संगठन की पहली बैठक के बाद कुछ आवेदन विश्वविद्यालय को दिए गए थे और कार्रवाई का आश्वासन भी मिला था। उनके मुताबिक, अप्रैल 2026 में कुलपति को स्मार पत्र तथा सितंबर में दोबारा प्रतिवेदन सौंपा गया, लेकिन संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।
ज्ञापन में प्रत्येक महीने के पहले कार्यदिवस पर पेंशन भुगतान की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। संगठन ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति के समय ही संबंधित शिक्षक की सभी देय राशि का निपटारा हो और हर आवेदक को उसके बकाये की लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। आवेदनों पर राइट टू सर्विस के प्रावधानों के तहत समयबद्ध कार्रवाई की मांग भी रखी गई।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के निर्माण और विकास में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की अपील की। उपलब्ध विवरण में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ज्ञापन पर लिए गए किसी अंतिम निर्णय या भुगतान की निश्चित समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है।