सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां स्थित पदमपुर काली मंदिर में शरद पूर्णिमा पर पारंपरिक ‘माटी पोका’ अनुष्ठान संपन्न हुआ। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में आगामी काली पूजा और मेले की तैयारियों से जुड़ी गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं।
अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मां काली की पूजा कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। स्थानीय धार्मिक परंपरा में इस आयोजन को काली पूजा की तैयारियों की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। पूजा समिति ने बताया कि मंगलवार से कलश स्थापना सहित अन्य तैयारियां आरंभ की जाएंगी।
समिति की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, मंदिर में काली पूजा 8 नवंबर 2026 की रात नौ बजे शुरू होगी। इसके अगले दिन यानी 9 नवंबर से मेले का आयोजन किया जाएगा, जो 14 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान धार्मिक कार्यक्रमों और मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की तैयारी है।
पूजा समिति के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए आपसी सहयोग से सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया। अनुष्ठान में मंदिर के पुजारी बिमला सारंगी और अश्वनी आचार्य के साथ समिति के अध्यक्ष सुब्रत सिंहदेव तथा अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 14 नवंबर को शाम चार बजे मां काली की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसी के साथ पूजा और छह दिनों तक चलने वाले मेले का समापन होगा। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह है।
‘माटी पोका’ अनुष्ठान पूरा होने के बाद मंदिर परिसर में पूजा की तैयारियों ने औपचारिक रूप से गति पकड़ ली है। समिति अब कलश स्थापना, धार्मिक कार्यक्रमों और मेला संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं पर काम करेगी, ताकि तय तिथियों के अनुसार सभी आयोजन संपन्न कराए जा सकें।