खूंटी जिले के 151 चयनित विद्यालयों में चल रहे बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम ‘पलाश’ को प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को जिला स्तरीय समीक्षा-सह-प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बालिका, खूंटी में हुए कार्यक्रम का आयोजन झारखंड शिक्षा परियोजना खूंटी ने किया।
प्रशिक्षण में पलाश बहुभाषी शिक्षा विद्यालयों से जुड़े प्रखंड और संकुल स्तर के शिक्षा पदाधिकारी, साधन सेवी तथा संकुल साधन सेवी शामिल हुए। प्रतिभागियों को विद्यालयों में कार्यक्रम के संचालन और शैक्षणिक सहयोग की व्यवस्था मजबूत करने से संबंधित जानकारी दी गई।
सत्र के दौरान कक्षाओं में बच्चों की मातृभाषा और स्थानीय भाषा के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि परिचित भाषा में पढ़ने और सीखने का अवसर मिलने से बच्चों की विषयों को समझने की क्षमता तथा कक्षा की गतिविधियों में उनकी सहभागिता बेहतर होती है।
बैठक में चयनित विद्यालयों में पलाश के तहत अब तक हुए कार्यों की समीक्षा भी की गई। शिक्षकों की ओर से अपनाई जा रही बहुभाषी शिक्षण पद्धति, कक्षा में बच्चों की भागीदारी और उनके सीखने की प्रगति पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के नियमित अनुश्रवण और विद्यालयों को आवश्यक शैक्षणिक सहयोग देने पर भी जोर रहा।
तकनीकी सहयोगी संस्था लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की टीम ने बहुभाषी शिक्षण की प्रक्रिया और कक्षा में अपनाई जाने वाली रणनीतियों की जानकारी साझा की। टीम ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर भी प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी दीप्ति कुमारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेश कुमार महतो और सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी विश्व दीपक झा उपस्थित रहे। समीक्षा में यह रेखांकित किया गया कि पलाश कार्यक्रम का विद्यालय स्तर पर नियमित संचालन बच्चों को उनकी परिचित भाषा के माध्यम से सीखने का बेहतर अवसर देने के लिए जरूरी है।