रांची के 101 केंद्रों पर हुई जेटीईटी, बच्चों के साथ पहुंचीं महिला अभ्यर्थी

दस वर्ष बाद आयोजित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में युवा अभ्यर्थियों के साथ बड़ी संख्या में पारा शिक्षक भी शामिल हुए। रांची में परीक्षा के लिए 101 केंद्र बनाए गए थे।

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रांची में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा केंद्र पर पहुंचे अभ्यर्थी

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी) रविवार को रांची के 101 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित हुई। दोनों पालियों के लिए जिले में करीब 66 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में पारा शिक्षक भी शामिल हुए। कई महिला अभ्यर्थी छोटे बच्चों को लेकर केंद्रों पर पहुंचीं और परीक्षा के दौरान उनके परिजनों ने बाहर बच्चों की देखभाल की।

कांके स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय केंद्र पर पिंकी अपने एक माह के बच्चे के साथ पहुंचीं, जबकि अंजना के साथ उनका तीन माह का बच्चा था। अंजना के परीक्षा कक्ष में जाने के बाद उनके भाई ने बच्चे को संभाला। इसी केंद्र पर राजमणि उरांव अपनी भगिनी के साथ आई थीं। अलग-अलग पालियों में परीक्षा होने के कारण दोनों ने बारी-बारी से बच्चे की देखभाल की।

लोहरदगा की 47 वर्षीय राजमणि पारा शिक्षक हैं और नियमित सरकारी शिक्षक बनने की उम्मीद के साथ परीक्षा में शामिल हुईं। केंद्रों पर सास-बहू तथा मां-बेटे सहित एक ही परिवार के कई सदस्यों के परीक्षा देने के उदाहरण भी सामने आए। लंबे अंतराल के बाद परीक्षा होने के कारण अधिक उम्र के कई पारा शिक्षकों ने भी पात्रता हासिल करने का प्रयास किया।

हजारीबाग के कार्मेल स्कूल केंद्र पर 56 वर्षीय सुनील कुमार अपने बेटे, बेटी और दामाद के साथ परीक्षा देने पहुंचे। उपलब्ध विवरण के अनुसार वह गिरिडीह जिले के कनकी विद्यालय में पिछले 25 वर्षों से पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने सेवानिवृत्ति से पहले नियमित शिक्षक बनने की उम्मीद में परीक्षा दी।

परीक्षा में 58 वर्ष तक के पारा शिक्षक शामिल हुए। सहायक आचार्य नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित बताए गए हैं और नियुक्ति प्रक्रिया में उनके लिए अधिकतम आयु 58 वर्ष निर्धारित है। इसी प्रावधान के कारण 50 वर्ष से अधिक आयु वाले अनेक अभ्यर्थियों ने भी जेटीईटी में भाग लिया।

पहली पाली में कक्षा छह से आठ और दूसरी पाली में कक्षा एक से पांच के लिए परीक्षा हुई। अभ्यर्थी सुबह छह बजे से केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सचिव एसडी तिग्गा ने नियंत्रण कक्ष से जिलों की रिपोर्ट ली और दोनों पालियों के बाद अभ्यर्थियों की उपस्थिति की जानकारी मंगाई।