खूंटी में अवैध अफीम और मादक पदार्थों पर कार्रवाई तेज करने का निर्देश

उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई एनसीओआरडी बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, नियमित छापेमारी, वाहन जांच और वैकल्पिक खेती की कार्ययोजना पर जोर दिया गया।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

खूंटी समाहरणालय में हुई एनसीओआरडी की बैठक में जिले में अवैध अफीम की खेती और अन्य मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विभागों को समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त मो. जावेद हुसैन की अध्यक्षता में अधिकारियों ने अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की। पुलिस विभाग ने अफीम की अवैध खेती के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी और एनडीपीएस एक्ट के तहत हुई कार्रवाई की जानकारी रखी।

उपायुक्त ने सभी थाना प्रभारियों से अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने को कहा। जिन इलाकों में पहले अफीम की फसल नष्ट की जा चुकी है, वहां दोबारा खेती रोकने के लिए जांच अभियान जारी रखने का निर्देश दिया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ स्कूलों और कॉलेजों के आसपास भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।

बैठक में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई। जिले के सभी विद्यालयों में पांच सितंबर को चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। अभियान में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि रोकथाम के प्रयासों को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल सके।

अफीम की खेती से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को वैकल्पिक आजीविका से जोड़ने के लिए कृषि, आत्मा और उद्यान विभाग को कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। अधिकारियों को लाभकारी फसलों के बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने का निर्देश मिला। इसका उद्देश्य किसानों के लिए वैकल्पिक खेती के अवसर तैयार करना है।

मादक पदार्थों की ढुलाई रोकने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को नियमित वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया। उत्पाद अधीक्षक को अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई का निर्देश मिला। ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के खिलाफ छापेमारी करने को कहा गया।

पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने थाना प्रभारियों को नियमित छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। बैठक में डीएफओ दिलीप कुमार यादव, एसडीओ दीपेश कुमारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने रोकथाम, निगरानी, जागरूकता और वैकल्पिक खेती को अभियान के प्रमुख हिस्सों के रूप में चिह्नित किया है।