देवघर के मोहनपुर में ब्राउन शुगर के खिलाफ छापेमारी, सात आरोपी गिरफ्तार

मोहनपुर थाना पुलिस ने जामुनिया यात्री रोड के पास कार्रवाई कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनके पास से 17.05 ग्राम ब्राउन शुगर और 1,04,990 रुपये नकद मिले हैं।

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देवघर के मोहनपुर में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का प्रतिनिधि दृश्य

देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जामुनिया यात्री रोड के पास की गई छापेमारी में पुलिस ने 17.05 ग्राम ब्राउन शुगर और 1,04,990 रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर को सूचना मिली थी कि चिह्नित स्थान के पास कुछ लोग नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए जुटे हैं। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुलदीप कुमार और मोहनपुर थाना प्रभारी संदीप कृष्णा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने मौके की घेराबंदी कर सात संदिग्धों को पकड़ा।

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से ब्राउन शुगर की पुड़िया और नकद राशि मिलने की बात कही गई है। पुलिस ने जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब तीन से साढ़े तीन लाख रुपये बताई है। यह कीमत पुलिस का प्रारंभिक आकलन है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरि मंडल उर्फ हिरन मंडल, गोविंद राय, राहुल कुमार, दीप यादव, तेतन मुर्मू, रंधीर यादव और विकास कुमार के रूप में बताई गई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में पश्चिम बंगाल और मधुपुर क्षेत्र से ब्राउन शुगर मंगाए जाने की जानकारी सामने आई है। इन दावों की जांच अभी जारी है।

प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस का दावा है कि नशीले पदार्थ की आपूर्ति मोहनपुर, सोनारायठाढ़ी और आसपास के इलाकों में की जाती थी। जांच दल अब कथित नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और आपूर्ति की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटा है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में हरि मंडल पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में जेल जा चुका है और इस वर्ष जनवरी में जमानत पर बाहर आया था। प्रशासन ने पूर्व में ऐसे मामलों में जेल जा चुके आदतन आरोपियों की जमानत रद्द कराने के लिए न्यायालय को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।