गढ़वा जिले के आम और अदरक को व्यापक बाजार से जोड़ने के लिए जिला निर्यात कार्ययोजना में शामिल करने की पहल शुरू हुई है। शुक्रवार को समाहरणालय में हुई जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन समिति की बैठक में इन दोनों कृषि उत्पादों की उपलब्धता, उत्पादन क्षमता और बाजार की संभावनाओं पर विचार किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को आम और अदरक से जुड़े वास्तविक आंकड़े जुटाने का निर्देश दिया। इन आंकड़ों के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि जिले में उत्पादन की स्थिति और संभावित मांग का व्यावहारिक आकलन किया जा सके।
समिति ने जिले के विशिष्ट उत्पादों की पहचान, उनके संवर्धन और दूसरे बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की। उपायुक्त ने संबंधित विभागों से समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने कार्ययोजना को वास्तविक उत्पादन क्षमता पर आधारित रखने का निर्देश दिया, जिससे आगे की पहल ठोस जानकारी के आधार पर हो।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और समिति के सदस्य सचिव रघुवर सिंह ने बैठक में एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत चिह्नित वस्तुओं की जानकारी दी। गढ़वा में कालीन और अरहर समेत कुछ उत्पाद पहले से इस पहल के अंतर्गत चिह्नित हैं। अब आम और अदरक की संभावनाओं को देखते हुए इन्हें भी निर्यात कार्ययोजना से जोड़ने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
उत्पादन और उपलब्धता की सही स्थिति जानने के लिए जिला कृषि पदाधिकारी तथा झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के जिला कार्यक्रम प्रबंधक से आवश्यक विवरण मांगा गया है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर उत्पादन क्षमता, बाजार की मांग और निर्यात की संभावनाओं का आकलन किया जाना है। अभी यह प्रक्रिया कार्ययोजना तैयार करने और संभावनाएं तलाशने के चरण में है।
बैठक में विदेश व्यापार महानिदेशालय और आयात-निर्यात क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि ऑनलाइन शामिल हुए। इसके अलावा जिला कृषि पदाधिकारी, आजीविका संवर्धन सोसाइटी के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी और उद्यमी समन्वयक समेत संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रस्तावित योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार की संभावनाएं तलाशना और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में आधार तैयार करना है।