गढ़वा जिले के चिह्नित झारखंड आंदोलनकारियों ने पेंशन भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग उठाई है। आंदोलनकारियों ने मंगलवार को उपायुक्त को आवेदन सौंपकर उपलब्ध सरकारी आवंटन के आधार पर सत्यापन और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कराने का आग्रह किया। आंदोलन से जुड़े एक अन्य समूह ने अपने लिए कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।
पेंशन से संबंधित आवेदन में आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से इस मद में आवंटन प्राप्त है और उपायुक्त कार्यालय में अधिसूचना के माध्यम से चिह्नित लोगों की सूची भी उपलब्ध है। उन्होंने प्रशासन से सूची में शामिल सभी आंदोलनकारियों का सत्यापन कराने और जरूरी दस्तावेज लेने के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।
आवेदन देने वालों ने झारखंड उच्च न्यायालय के एक आदेश का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, डब्ल्यूपी (एस) संख्या 4241/2026 में रामगढ़ जिले के आंदोलनकारियों की पेंशन से संबंधित आदेश आया है। गढ़वा के आंदोलनकारियों ने आग्रह किया कि उस आदेश के आलोक में दूसरे जिलों के चिह्नित लोगों के मामलों पर भी कार्रवाई की जाए।
पेंशन की मांग वाला आवेदन सौंपने वालों में मखन पासवान, दशरथ प्रसाद, रामसागर उरांव, रमेश दास, शिव प्रसाद गुप्ता और अनरुद सोनी सहित अन्य लोग शामिल थे। आवेदन में भुगतान शुरू करने से पहले प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन और आवश्यक अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया गया है।
इसी दौरान झारखंड आंदोलन से जुड़े कुछ अन्य लोगों ने उपायुक्त को अलग आवेदन दिया। इसमें आंदोलनकारियों के कामकाज और बैठकों के लिए एक कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग की गई। इस आवेदन पर मनोज ठाकुर, नंदलाल मेहता, गोपाल प्रसाद गुप्ता, विजय ठाकुर, वीरेंद्र सिंह, केदार प्रसाद, राम सूरत मेहता और श्याम लाल चंद्रवंशी के हस्ताक्षर बताए गए हैं।
दोनों आवेदनों के माध्यम से आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें जिला प्रशासन के समक्ष औपचारिक रूप से रखी हैं। उपलब्ध विवरण में प्रशासन की ओर से आवेदन पर लिए गए किसी निर्णय या पेंशन भुगतान शुरू होने की समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है।