मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति कब होगी, झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार से मांगी समय-सीमा

राज्य सूचना आयोग को कार्यशील बनाने से जुड़े मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार से मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति की समय-सीमा बताने को कहा है। अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।

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रांची स्थित झारखंड हाई कोर्ट का भवन

रांची में झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति में हो रही देरी पर सरकार से स्पष्ट समय-सीमा मांगी है। राज्य सूचना आयोग को कार्यशील बनाने और मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े मामले की मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने पूछा कि इस पद पर नियुक्ति कब तक कर दी जाएगी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के विषय में विचार-विमर्श चल रहा है। इस जवाब के बाद अदालत ने सरकार से नियुक्ति पूरी करने की संभावित अवधि बताने को कहा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई है।

पिछली सुनवाई में भी हाई कोर्ट ने राज्य सूचना आयोग के अब तक पूरी तरह सक्रिय नहीं होने पर कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत के समक्ष यह बात रखी गई थी कि आयोग में चार सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा चुके हैं और उन्हें वेतन भी मिल रहा है, लेकिन मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति न होने के कारण आयोग पूर्ण रूप से काम नहीं कर पा रहा है।

अदालत ने पूर्व की सुनवाई में मुख्य सचिव की ओर से दिए गए भरोसे का भी उल्लेख किया था। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 29 जनवरी और 20 अगस्त के आदेशों में आयोग को क्रियाशील करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं हुआ। खंडपीठ ने कहा था कि अदालत में दिया गया वचन निभाना आवश्यक है और इसका पालन नहीं होना आदेश की अवहेलना माना जा सकता है।

यह मामला प्रार्थी वीरेंद्र सिंह की ओर से सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी से जुड़ा है। उन्हें निर्धारित 30 दिनों की अवधि में सूचना नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की और राज्य सूचना आयोग की कार्यशीलता का प्रश्न अदालत के सामने आया।

अब सरकार को अगली सुनवाई में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर अपनी स्थिति और समय-सीमा स्पष्ट करनी होगी। इस मामले का केंद्र आयोग को पूरी तरह कार्यशील बनाना है, ताकि सूचना से जुड़े आवेदनों और अपीलों पर संस्थागत रूप से काम हो सके। अदालत 19 नवंबर को सरकार के जवाब के आधार पर आगे सुनवाई करेगी।